New Ayushi Poly Clinic में नवजात की मौत, सीज हुआ क्लीनिक; संचालक दंपती गिरफ्तार

सुलतानपुर के New Ayushi Poly Clinic में सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान नवजात की मौत के बाद क्लीनिक सील कर दिया गया। जांच में पॉली क्लीनिक के पंजीकरण के बावजूद सिजेरियन किए जाने की बात सामने आई। संचालक दंपती जेल भेजे गए हैं, जबकि तीसरे नामजद आरोपी की तलाश जारी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 October 2026, 9:37 AM IST

Sultanpur: उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर में चांदा बाजार स्थित New Ayushi Poly Clinic में सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान नवजात की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में क्लीनिक का पंजीकरण पॉली क्लीनिक के रूप में होने के बावजूद वहां सिजेरियन ऑपरेशन किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया। मामले में नामजद संचालक रंजन यादव और उनके पति दिनेश यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि तीसरे आरोपी बीके शुक्ला की तलाश जारी है।

सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान नवजात की मौत

मामला शुक्रवार को सामने आया। सीएचसी पीपी कमैचा के अधीक्षक डॉ. रामचंद्र यादव की तहरीर के मुताबिक, New Ayushi Poly Clinic में दो महिलाओं के सिजेरियन ऑपरेशन किए गए थे। इनमें प्रतापपुर कमैचा निवासी अंजली पत्नी बृजेश के नवजात की ऑपरेशन के दौरान अथवा उसके बाद मौत हो गई।

वहीं शिवपुर निवासी किरन यादव पत्नी शंकर यादव का भी इसी क्लीनिक में सिजेरियन ऑपरेशन किए जाने की जानकारी सामने आई है। नवजात की मौत के बाद मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग और पुलिस तक पहुंची।

ग्रामीणों ने पकड़ा, पुलिस के कब्जे से फरार

मामले में नामजद बीके शुक्ला को घटना के बाद ग्रामीणों ने पकड़ लिया था। आरोप है कि ग्रामीणों ने उसकी पिटाई करने के बाद उसे डायल 112 पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि, पुलिस के कब्जे में पहुंचने के बाद बीके शुक्ला के फरार होने की बात सामने आई है।

इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है, लेकिन अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

जांच के बाद क्लीनिक किया गया सील

नवजात की मौत की सूचना के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच टीम गठित की। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी और चांदा थानाध्यक्ष के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम क्लीनिक पहुंची और वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, पंजीकरण और उपचार व्यवस्था की जांच की।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संस्थान पॉली क्लीनिक श्रेणी में पंजीकृत था। इसके बावजूद वहां सिजेरियन जैसी शल्य चिकित्सा किए जाने की बात सामने आई। जांच के बाद टीम ने क्लीनिक को तत्काल सील कर दिया।

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तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा

पुलिस ने डॉ. दिनेश यादव निवासी पट्टी, प्रतापगढ़, उनकी पत्नी रंजन यादव और डॉ. बीके शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर बीएनएस की धारा 105, 3(5), 319(2), 318(2) और भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम की धारा 15(2)(बी) के तहत कार्रवाई की गई है।

दिनेश यादव और रंजन यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। बीके शुक्ला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।

पहले भी कार्रवाई, फिर कैसे चलता रहा क्लीनिक?

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि पॉली क्लीनिक के पंजीकरण के बावजूद वहां सिजेरियन ऑपरेशन कैसे किए जा रहे थे। खास बात यह है कि संस्थान के खिलाफ पूर्व में भी कार्रवाई होने की बात सामने आई है।

स्वास्थ्य विभाग अब क्लीनिक के पंजीकरण, चिकित्सकों की योग्यता, उपलब्ध संसाधनों और पूर्व की कार्रवाई से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है। सीएमओ भारत भूषण ने कहा कि संबंधित चिकित्सक की डिग्री की भी जांच कराई जाएगी। फर्जी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल नवजात की मौत की वास्तविक वजह और ऑपरेशन में किसकी क्या भूमिका थी, यह पुलिस की विवेचना और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा।

Location :  New Delhi

Published :  4 October 2026, 9:37 AM IST