FIR नहीं हुई, फिर भी थाने में बैठाया! बैंक मित्र और शिक्षक भाई को हिरासत में रखने के आरोप से मिर्जापुर में हड़कंप

मिर्जापुर के संतनगर में एक बैंक मित्र संचालक और उसके शिक्षक भाई को लेकर मामला गरमा गया है। परिवार का आरोप है कि बिना एफआईआर उन्हें थाने में बैठाया गया और पैसों के लिए दबाव बनाया गया।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 25 September 2026, 5:08 PM IST

Mirzapur: मिर्जापुर के संतनगर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। एक बैंक मित्र संचालक और उसके सरकारी शिक्षक भाई ने पुलिस पर बिना एफआईआर थाने में बैठाने, दबाव बनाने और पैसे मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं थाना प्रभारी के मुताबिक मामला करीब 17 लाख रुपये के लेनदेन से जुड़ा है और कई लोगों ने शिकायत दी है।

बैंक मित्र संचालक ने लगाए गंभीर आरोप

मिर्जापुर जिले के संतनगर थाना क्षेत्र में एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र यानी बैंक मित्र संचालक और उसके शिक्षक भाई को कथित तौर पर थाने में बैठाए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उसके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं होने के बावजूद पुलिस कई दिनों से उस पर दबाव बना रही है।

पीड़ित बैंक मित्र संचालक के मुताबिक वह करीब छह महीने पहले एसबीआई का ग्राहक सेवा केंद्र चलाता था। उसके अनुसार चेन्नई स्थित मुख्य शाखा से खाता होल्ड होने के कारण कुछ ग्राहकों का भुगतान अटक गया था। पीड़ित का दावा है कि उसने संबंधित लोगों से कुछ समय मांगा था और उनका पैसा वापस करने का भरोसा दिया था। आरोप है कि इसके बाद से पुलिस की ओर से उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।

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स्कूल से शिक्षक भाई को ले जाने का आरोप

मामला तब और चर्चा में आ गया, जब बैंक मित्र संचालक के भाई प्रदीप गिरी का नाम भी सामने आया। प्रदीप सरकारी शिक्षक हैं और वर्तमान में बीएलओ की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। प्रदीप गिरी का आरोप है कि वह स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे थे। इसी दौरान संतनगर पुलिस के कुछ जवान सिविल ड्रेस में वहां पहुंचे और उन्हें अपने साथ थाने ले गए। शिक्षक के मुताबिक उन्हें मंगलवार से बुधवार तक करीब दो दिन थाने में रखा गया। उनका आरोप है कि इस दौरान न तो उन्हें किसी एफआईआर की जानकारी दी गई और न ही उनके खिलाफ कोई लिखित कार्रवाई की गई। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

एसएसआई पर पैसे मांगने का आरोप

पीड़ित परिवार ने संतनगर थाने में तैनात एसएसआई रमाशंकर यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि उनसे पैसों की मांग की गई और पैसे नहीं देने पर थाने में बैठाकर मानसिक दबाव बनाया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित पुलिस अधिकारी का पक्ष भी मामले में महत्वपूर्ण है।

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पुलिस ने बताई 17 लाख रुपये के लेनदेन की बात

मामले को लेकर थाना प्रभारी से संपर्क किए जाने पर उन्होंने बताया कि पूरा मामला करीब 17 लाख रुपये के लेनदेन से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार इस मामले में करीब 15 से 20 लोगों ने प्रार्थना पत्र भी दिए हैं। यानी पुलिस इसे केवल एक व्यक्ति से जुड़ा विवाद नहीं मान रही है। हालांकि पीड़ित पक्ष का कहना है कि शिकायत या एफआईआर के बिना उन्हें थाने में बैठाए रखना सवाल खड़ा करता है।

उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की मांग

मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और शिक्षकों में नाराजगी की बात कही जा रही है। पीड़ितों ने उच्च पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने और अगर आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Location :  Mirzapur

Published :  25 September 2026, 5:08 PM IST