Mirzapur: आखिर मिर्जापुर में ऐसा क्या हुआ कि बढ़ानी पड़ी सुरक्षा? पुलिस भी अचानक हुई अलर्ट, जानिए पूरा मामला

मीरजापुर न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता परखने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड, फायर ब्रिगेड और पुलिस बल ने संयुक्त रूप से सुरक्षा अभ्यास किया। इस दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया, संदिग्ध वस्तुओं की जांच और अग्निशमन व्यवस्था का परीक्षण किया गया।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 17 July 2026, 4:47 PM IST

Mirzapur: मीरजापुर के न्यायालय परिसर में शुक्रवार को उस समय हलचल बढ़ गई, जब सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता जांचने के लिए वृहद मॉक ड्रिल (Mock Drill) का आयोजन किया गया। पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और फायर ब्रिगेड की संयुक्त कार्रवाई ने पूरे परिसर को सुरक्षा अभ्यास का केंद्र बना दिया। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना था।

सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए हुआ अभ्यास

न्यायाधीश सुरक्षा समिति के अध्यक्ष की उपस्थिति और मार्गदर्शन में आयोजित इस मॉक ड्रिल का संचालन पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में किया गया। अभ्यास का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक (नगर), क्षेत्राधिकारी (नगर), क्षेत्राधिकारी (अभिसूचना) तथा सुरक्षा प्रभारी ने किया। इसमें स्थानीय पुलिस बल के साथ विशेषज्ञ सुरक्षा इकाइयों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने की सघन जांच

मॉक ड्रिल के दौरान बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने न्यायालय परिसर, वीआईपी कक्ष, अदालत कक्षों और संवेदनशील स्थानों की गहन तलाशी ली। अभ्यास के तहत संदिग्ध वस्तुओं की पहचान, उन्हें सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने और सुरक्षा प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। इसका उद्देश्य वास्तविक आपात स्थिति में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई सुनिश्चित करना था।

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फायर ब्रिगेड ने दिखाई आपदा से निपटने की तैयारी

फायर ब्रिगेड टीम ने संभावित अग्निकांड की स्थिति से निपटने का अभ्यास किया। इस दौरान परिसर में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों की कार्यक्षमता की जांच की गई और सुरक्षित निकासी (Evacuation) की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों ने आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की रणनीति का भी परीक्षण किया।

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रिस्पांस टाइम रहा सराहनीय

अभ्यास के दौरान आपातकालीन अलार्म बजते ही सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया का समय भी मापा गया। अधिकारियों के अनुसार, सभी सुरक्षा इकाइयों ने तेजी से अपनी-अपनी जिम्मेदारियां संभालीं और उनका रिस्पांस टाइम संतोषजनक एवं सराहनीय पाया गया।

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कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

मॉक ड्रिल के दौरान न्यायाधीश सुरक्षा समिति के अध्यक्ष, अपर पुलिस अधीक्षक (नगर), क्षेत्राधिकारी (नगर), क्षेत्राधिकारी (अभिसूचना) सहित न्यायालय और पुलिस प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने इस तरह के नियमित सुरक्षा अभ्यास को न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

Location :  Mirzapur

Published :  17 July 2026, 4:47 PM IST