कुंवारी बनने का खेल खुला तो मचा हड़कंप… 52 साल की महिला ने खुद को बताया 21 की, सामूहिक विवाह योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा

मेरठ में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लिए उम्र और वैवाहिक स्थिति छिपाने का बड़ा मामला सामने आया है। जांच में कई ऐसे आवेदन मिले, जिनमें शादीशुदा महिलाओं ने खुद को कुंवारी बताया और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 24 July 2026, 3:42 PM IST

Meerut: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी के लिए चलाई जा रही इस योजना का लाभ लेने के लिए कई लोगों ने उम्र और वैवाहिक स्थिति तक बदलने की कोशिश की। जांच में सामने आया कि कुछ शादीशुदा और उम्रदराज महिलाओं ने खुद को अविवाहित बताकर आवेदन कर दिया। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र भी लगाए गए।

समाज कल्याण विभाग और तहसील प्रशासन की संयुक्त जांच में ऐसे 115 से ज्यादा आवेदन मिले, जिन्हें सत्यापन के बाद निरस्त कर दिया गया है। अब प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और गलत आवेदन कराने में किन लोगों की भूमिका रही।

52 साल की महिला ने खुद को बताया 21 वर्षीय युवती

जांच के दौरान शामली ब्लॉक के खेड़ी गांव निवासी 52 वर्षीय सोनिया का मामला सामने आया। महिला ने सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन में खुद को 21 साल की अविवाहित युवती बताया था। इसके लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र भी लगाया गया था। जब तहसील स्तर पर दस्तावेजों का सत्यापन किया गया तो महिला की वास्तविक उम्र और वैवाहिक स्थिति सामने आ गई। इसके बाद अधिकारियों ने आवेदन को तुरंत निरस्त कर दिया।

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तीन बच्चों की मां ने भी बताया खुद को अविवाहित

इसी तरह इस्सोपुर निवासी 37 वर्षीय गुलशाना ने भी योजना का लाभ लेने के लिए खुद को कुंवारी बताया था। जांच में पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे भी हैं। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर उसका आवेदन भी खारिज कर दिया गया।

वहीं खुरगान निवासी 40 वर्षीय रुकसाना ने भी आवेदन में खुद को अविवाहित बताया था। जांच के दौरान उसकी शादीशुदा होने की पुष्टि होने पर अधिकारियों ने उसका आवेदन निरस्त कर दिया।

13 साल की बच्ची को दिखाया बालिग

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मामला कैराना क्षेत्र से सामने आया, जहां 13 वर्षीय नाबालिग बालिका को बालिग दिखाकर सामूहिक विवाह योजना के लिए आवेदन किया गया था। दस्तावेजों की जांच में उसकी वास्तविक उम्र सामने आने के बाद आवेदन को रद्द कर दिया गया।

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अब फर्जीवाड़े की जांच शुरू

अधिकारियों का कहना है कि योजना का लाभ केवल पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। फर्जी आवेदन और गलत दस्तावेज लगाने वालों के साथ-साथ ऐसे प्रमाण पत्र तैयार करने वालों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

Location :  Meerut

Published :  24 July 2026, 3:42 PM IST