
प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest )
Lucknow: लखनऊ में साइबर अपराधियों के खिलाफ हुई बड़ी कार्रवाई अब पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर विवादों में आ गई है। साइबर क्राइम सेल ने समिट बिल्डिंग में चल रहे कथित ठगी के कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 119 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब आरोप लगा है कि मौके से पकड़े गए तीन अन्य लोगों को पुलिस ने छोड़ दिया।
मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने जांच कराई। प्राथमिक जांच में कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर कार्रवाई की गई है।
पुलिस के मुताबिक 30 जून को समिट बिल्डिंग में चल रहे कॉल सेंटर पर छापेमारी की गई थी। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए थे।
जांच में सामने आया कि पुलिस टीम ने कुल 122 लोगों को पकड़ा था, लेकिन दस्तावेजों में 119 की ही गिरफ्तारी दिखाई गई। आरोप है कि तीन लोगों को मौके से छोड़ दिया गया। इसको लेकर अनुचित लाभ लिए जाने की आशंका जताई गई है।
जेल भेजी गई एक महिला आरोपी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि तीन लोगों को मौके से छोड़ दिया गया। इसके बाद उसने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।
याचिका पर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद लखनऊ कमिश्नरेट ने जांच टीम गठित की। एसीपी गोमतीनगर रत्नेश सिंह को मामले की जांच सौंपी गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिक तौर पर तीन सिपाहियों को निलंबित किया गया है। इनमें वसीम, जितेंद्र और श्रीकांत शामिल हैं। वहीं दारोगा आदिल रजा, दारोगा अरविंद, सिपाही जय प्रकाश, आशीष, अविनाश और संतोष गौतम को लाइन हाजिर किया गया है।
पुलिस अब अन्य कर्मियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट में कुछ वीडियो साक्ष्य भी पेश किए गए थे। आरोप है कि वीडियो में सिपाही जितेंद्र, वसीम और श्रीकांत तीन संदिग्धों को लिफ्ट में ले जाकर उनसे अकेले में बातचीत करते नजर आए।
इसी दौरान पुलिस टीम के अन्य सदस्य कॉल सेंटर से बरामद सामान की फर्द तैयार कर रहे थे। छोड़े गए तीन लोगों का फर्द या अन्य पुलिस दस्तावेजों में कोई उल्लेख नहीं होने का भी आरोप है।
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पुलिस के मुताबिक कॉल सेंटर से अमेरिकन नागरिकों को मैसेज भेजकर साइबर ठगी की जाती थी। जांच में गिरोह पर ढाई अरब रुपये से अधिक की ठगी करने का आरोप सामने आया था। गिरोह के सरगना विनीत, उसकी प्रेमिका समेत तीन लोगों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस उपायुक्त अपराध अनिल यादव के मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश पर जांच के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिली। तीन को निलंबित और छह को लाइन हाजिर किया गया है। जांच जारी है और अन्य किसी की भूमिका सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
Location : Lucknow
Published : 12 August 2026, 1:45 PM IST
Topics : cyber crime Lucknow News Police Action