Lenskart Controversy: यूपी पहुंचा लेंसकार्ट का ड्रेस कोड विवाद और विरोध, मुंबई के बाद मेरठ में जानिये क्या हुआ

दिग्गज चश्मा कंपनी लेंसकार्ट का कथित ड्रेस कोड विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। मुंबई से शुरू हुआ यह ड्रेस कोड विवाद और इसका विरोध अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुका है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 20 April 2026, 6:59 PM IST

Meerut: दिग्गज चश्मा कंपनी लेंसकार्ट (LENSKART) इन दिनों कथित ड्रेस कोड को लेकर विवादों में बनी हुई है। हाल ही में हुए 'नो बिंदी, नो तिलक' विवाद के बाद लेंसकार्ट को भारी विरोध का सामना करना पड़ा रहा है। मुंबई से शुरू हुआ यह विवाद और उसके बाद हो रहे विरोध का यह मामला अब मुबई के बाद देश देश के अन्य शहरों में भी फैलता नजर आ रहा है। मेरठ में भी सोमवार को हिंदू संगठनों ने लेंसकार्ट के ड्रेस कोड के खिलाफ अनोखा अभियान चलाया।

मेरठ से पहले सोमवार सुबह मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित लेंसकार्ट के शोरूम पहुंचकर हिंदू संगठनों ने 'जय श्रीराम' के नारे लगाये। हिंदू संगठनों इसके साथ ही शोरूम में मौजूद कर्मचारियों को तिलक लगाया और उनके हाथों पर कलावा बांधा। शोरूम पहुंचने वालों में बीजेपी नेता नाजिया इलाही खान भी शामिल रहीं।

मुंबई की तर्ज पर ही उत्तर प्रदेश के मेरठ में भी हिंदू संगठनों के कुछ लोग LENSKART के शोरूम पहुंचे। इन लोगों ने LENSKART शोरूम में मौजूद कर्मचारियों को तिलक लगाया, कलावा बांधा और भगवा पट्टा पहनाया। बताया जाता है कि हिंदू संगठनों ने इन कर्मचारियों के जरिये मैनेजमेंट को यह भी संदेश दिया कि यदि कंपनी ने अपना रवैया नहीं बदला गया तो उसके खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया।

सोशल मीडिया मंच एक्स पर मेरठ के कुछ वीडियो सामने आये है, जिसमें हिंदू संगठनों के लोग मेरठ के आबूलेन पर लेंसकार्ट शोरूम में पहुंचे। यहां हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही कुछ लोगों के साथ शोरूम पहुंचे। सचिन ने शोरूम के कर्मचारियों को पहले तिलक लगाया और उनको पटका पहनाया।

क्या है पूरा विवाद

Lenskart कंपनी पर आरोप है कि उसने अपने स्टोर पर काम करने वाले कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और अन्य धार्मिक पहचान वाले प्रतीकों को धारण करने या पहनने से मना किया है। इसके लिये कथित तौर पर बकायदा एक नोट भी जारी किया गया है। कंपनी का यह दस्तावेज (नोट) वायरल हुआ, जिसके बाद लेंसकार्ट के खिलाफ बॉयकॉट ट्रेंड करने लगा और यह कंपनी हिंदूवादी संगठनों के निशाने पर आ गई। लोगों का कहना है कि भारत जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता वाले देश में व्यक्तिगत आस्था पर इस तरह की पाबंदी स्वीकार्य नहीं है।

लेंसकार्ट का बयान

कंपनी ने 18 अप्रैल को सोशल मीडिया मंच 'X' पर अंग्रेजी में एक आधिकारिक बयान भी जारी किया। कंपनी ने अपने इस लंबे चौड़े बयान में कहा कि, “हमने आपकी बात सुनी है स्पष्ट और खुले तौर पर। पिछले कुछ दिनों में हमारी कम्युनिटी और ग्राहकों ने जो कहा, हमने उस पर गौर किया है और आज हम अपनी इन-स्टोर स्टाइल गाइड को सार्वजनिक कर रहे हैं।“

कंपनी ने आगे लिखा “ये दिशानिर्देश हमारे टीम के सदस्यों द्वारा धारण किए जाने वाले आस्था और संस्कृति के हर प्रतीक बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब, पगड़ी और अन्य का बिना किसी दुविधा के स्वागत करते हैं। इन्हें अपवाद के तौर पर नहीं, बल्कि हमारी अपनी पहचान के रूप में स्वीकार किया जाता है।“

Location :  Meerut

Published :  20 April 2026, 6:59 PM IST