Kolkata Stampede: बारिश से बचने की होड़ में कैसे उजड़ गईं 19 जिंदगियां? चोरबागान पंडाल हादसे का रोंगटे खड़े कर देने वाला सच

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भारी बारिश के बाद मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। कुम्हारटोली के रहने वाले 25 वर्षीय सोनू पाल ने अपनी मां को खो दिया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मैंने मां को आंखों के सामने दम तोड़ते देखा।' पुलिस ने आयोजकों को हिरासत में लिया है।

Updated : 18 October 2026, 9:20 AM IST
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Kolkata: कोलकाता के गिरीश पार्क थाना क्षेत्र स्थित चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 की शाम लगभग 7:40 बजे एक भीषण हादसा हो गया। भारी बारिश के बाद मची अफरा-तफरी और भगदड़ के कारण इस दर्दनाक दुर्घटना में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग 25 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत राहत और इलाज के लिए कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस वीभत्स घटना ने दुर्गा पूजा की खुशियों को मातम और सन्नाटे में बदल दिया है।

'मैंने मां को आंखों के सामने दम तोड़ते देखा': सोनू पाल की आपबीती

इस भयावह हादसे में कुम्हारटोली के रहने वाले 25 वर्षीय सोनू पाल ने अपनी मां को हमेशा के लिए खो दिया है। गहरे सदमे और आघात में डूबे सोनू पाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए उस खौफनाक मंजर को बयां किया। उन्होंने बताया कि वे अपनी मां के साथ पंडाल में मां के दर्शन करने पहुंचे थे, तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गई।

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बारिश से बचने की होड़ में प्रवेश द्वार पर खड़े लोग तेजी से अंदर घुसने की कोशिश करने लगे, क्योंकि कोई भी बाहर नहीं रहना चाहता था। लगातार मिल रहे धक्कों के कारण पंडाल के भीतर का दबाव असहनीय स्तर पर पहुंच गया। पलभर में लोगों का संतुलन बिगड़ गया और वे एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। सोनू पाल खुद भी इस जानलेवा भीड़ के नीचे दब गए थे। उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा, "मैंने अपनी मां को अपनी आंखों के सामने दम तोड़ते देखा। दबाव इतना ज्यादा था कि शायद मैं भी जिंदा नहीं बच पाता।" किसी तरह खुद को भीड़ के चंगुल से बाहर निकालकर जब वे अपनी मां के पास पहुंचे, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।

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प्रशासनिक लापरवाही और आगे की कार्रवाई

इस हृदयविदारक हादसे के बाद स्थानीय लोगों, चश्मदीदों और पीड़ितों के रिश्तेदारों में भारी आक्रोश है। सबका यही आरोप है कि चोरबागान पंडाल का रास्ता बहुत संकरा था, वहां पर्याप्त रोशनी नहीं थी और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन या आयोजकों की तरफ से कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए थे। इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूजा पंडाल के आयोजकों समेत कई अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है।

Location :  Kolkata

Published :  18 October 2026, 9:07 AM IST

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