हिंदी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (IMG: X)
Kolkata: कोलकाता के चोरबागान सर्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के दौरान 19 श्रद्धालुओं की मौत और 25 लोगों के घायल होने के मामले में अब सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद अस्थायी होमगार्ड्स की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि पंडाल में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था करने के बजाय एक ही गेट को रस्सी के सहारे दो हिस्सों में बांटा गया था।
कोलकाता के चोरबागान सर्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में महासप्तमी की शाम हुई भगदड़ ने त्योहार के माहौल को मातम में बदल दिया। इस हादसे में 19 श्रद्धालुओं की मौत और 25 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद अब पंडाल में भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षित आवाजाही के लिए किए गए इंतजामों की जांच का मुद्दा सामने आया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा कि उन्हें शुरुआत में जो रिपोर्ट दी गई थी, मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति उससे अलग नजर आई।
Kolkata Stampede: कोलकाता हादसे के बाद मुआवजे का मरहम, 25 लाख और नौकरी से भरेंगे जख्म
शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि पंडाल में आने और बाहर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था नहीं थी। उनके अनुसार, ड्यूटी पर तैनात अस्थायी होमगार्ड्स ने हाथ में पकड़ी रस्सी के जरिए एक ही कॉमन गेट को दो हिस्सों में बांट रखा था। ऐसी व्यवस्था में अगर बड़ी संख्या में लोग एक साथ प्रवेश करने और बाहर निकलने की कोशिश करें, तो भीड़ का दबाव बढ़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि शाम को मूसलाधार बारिश शुरू होने के बाद ड्यूटी पर तैनात अस्थायी होमगार्ड्स रस्सियां छोड़कर खुद को भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित जगहों पर चले गए। उनके मुताबिक, इसके बाद दोनों तरफ से आ रही भीड़ आपस में टकरा गई और वहां अफरा-तफरी मच गई। अगर जांच में यह बात साबित होती है कि भीड़ को नियंत्रित करने वाले कर्मियों ने महत्वपूर्ण समय पर अपनी जिम्मेदारी छोड़ दी थी, तो यह सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक का मामला हो सकता है।
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि रविवार को उन्होंने वहां तैनात एक होमगार्ड से बात करने की कोशिश की, लेकिन उनके मुताबिक वह व्यक्ति बांग्ला भाषा बोलना तो दूर, समझ भी नहीं पा रहा था। मुख्यमंत्री ने इस अनुभव के आधार पर अस्थायी होमगार्ड्स की नियुक्ति प्रक्रिया और उनकी तैनाती को लेकर सवाल उठाए। हालांकि, किसी कर्मी की भाषा संबंधी क्षमता अपने आप में लापरवाही का प्रमाण नहीं है। इस मामले में यह देखना जरूरी होगा कि संबंधित व्यक्ति को किस तरह की ड्यूटी दी गई थी, उसे भीड़ प्रबंधन का प्रशिक्षण मिला था या नहीं और क्या वह मौके पर दिए गए निर्देशों को समझने में सक्षम था।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अधिकारियों से पिछले तीन वर्षों, यानी 2024, 2025 और 2026 में लगातार नियुक्त किए जा रहे अस्थायी होमगार्ड्स की सूची मांगी है। इस कदम के बाद अब इन नियुक्तियों से संबंधित रिकॉर्ड, तैनाती और जिम्मेदारियों की जांच अहम हो सकती है। प्रशासनिक स्तर पर यह पता लगाना जरूरी होगा कि पंडाल में कितने कर्मियों की तैनाती की गई थी, उनकी ड्यूटी क्या थी और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उन्हें कौन से निर्देश दिए गए थे।
शुभेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मौजूदा प्रशासन पिछली सरकार की गलतियों और दोषपूर्ण व्यवस्था का बोझ उठा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि व्यवस्था को पूरी तरह ठीक करने में कुछ समय लगेगा। मुख्यमंत्री के इस बयान ने हादसे को लेकर राजनीतिक बहस को भी तेज कर दिया है।
Location : Kolkata
Published : 19 October 2026, 12:20 PM IST
Topics : Chorbagan Durga Puja Durga Puja stampede Kolkata stampede Shubhendu Adhikari West Bengal News