Jhansi News: तीन दिन तक शव को रौंदते रहे वाहन, चप्पल और कपड़ों से हुई पहचान; सड़क से खुरचकर निकाले अवशेष

झांसी-कानपुर हाईवे पर करीब तीन दिनों तक पड़े रहे जगमोहन तिवारी के शव के अवशेष वाहनों के गुजरने से सड़क पर चिपक गए। रविवार को उनके बेटे ने चप्पल और कपड़ों से पहचान की। पुलिस ने अवशेष एकत्र कर पोस्टमार्टम कराया। घटना ने सड़क निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 13 October 2026, 11:42 AM IST

Jhansi: उत्तर प्रदेश के झांसी से एक ऐसी घटना सामने आई है, जो किसी को भी झकझोर कर रख दे। झांसी-कानपुर हाईवे पर एक व्यक्ति का शव कथित तौर पर तीन दिनों तक पड़ा रहा। इस दौरान सड़क से गुजरते सैकड़ों वाहन उसे रौंदते रहे। हालात इतने भयावह हो गए कि शव के अवशेष सड़क पर चिपक गए। जब परिवार के लोग तलाश करते हुए घटनास्थल पर पहुंचे, तो अपने ही पिता की पहचान करना मुश्किल हो गया। आखिरकार चप्पलों और कपड़ों के सहारे मृतक की पहचान हो सकी। यह घटना सड़क पर चल रहे मरम्मत कार्य और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

खेत पर जाने के बाद घर नहीं लौटे जगमोहन

मृतक की पहचान करीब 56 वर्षीय जगमोहन तिवारी के रूप में हुई है। वह झांसी जिले के पूंछ थाना क्षेत्र के महाराजगंज के निवासी थे और खेती-किसानी करते थे। परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। बेटी प्राची और बड़े बेटे सागर की शादी हो चुकी है, जबकि छोटा बेटा आयुष्य अविवाहित है।

परिजनों के मुताबिक, 9 अक्टूबर की सुबह करीब 11 बजे जगमोहन घर से झांसी-कानपुर हाईवे के किनारे स्थित खेत पर गए थे। देर रात तक वापस नहीं लौटे तो उनकी पत्नी रागनी ने सोचा कि वह खेत पर ही रुक गए होंगे। पहले भी वह कई बार खेत पर रात बिता चुके थे। उनके पास मोबाइल फोन नहीं था, इसलिए उनसे संपर्क करना भी संभव नहीं था।

खेत पर जाने के बाद घर नहीं लौटे जगमोहन

चप्पल और कपड़ों ने खोला पहचान का रास्ता

रविवार को छोटा बेटा आयुष्य अपनी दादी शोमा तिवारी को गुजरात से लेकर घर पहुंचा। पिता के घर पर नहीं मिलने पर उसने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान स्थानीय लोगों से हाईवे पर एक हादसा होने की जानकारी मिली।

जब आयुष्य घटनास्थल पर पहुंचा तो उसे पिता की चप्पल और कपड़े दिखाई दिए। इन्हीं के आधार पर उसने पहचान की। लगातार वाहनों के गुजरने के कारण शव की हालत बेहद खराब हो चुकी थी। परिजनों के लिए यह दृश्य असहनीय था। जिस पिता को परिवार तलाश रहा था, उनकी पहचान अब चेहरे से नहीं, बल्कि कपड़ों और चप्पलों से करनी पड़ी।

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सड़क पर चिपक गए अवशेष, खुरचकर निकाला गया शव

जानकारी के अनुसार, हाईवे पर सड़क की मरम्मत का काम चल रहा था। इसी वजह से शव पर किसी की नजर नहीं पड़ने की बात सामने आई है। लगातार वाहनों के गुजरने से शव के अवशेष सड़क पर चिपक गए थे। सूचना मिलने पर रविवार रात पूंछ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अवशेषों को एकत्र किया।

पूंछ थाना प्रभारी विद्यासागर के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। शव के अवशेषों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

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तीन दिन तक किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी?

यह घटना केवल एक परिवार के असहनीय दुख की कहानी नहीं है, बल्कि कई सवाल भी छोड़ती है। अगर शव हाईवे पर पड़ा था, तो इतने समय तक उस पर किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी? क्या सड़क पर चल रहे मरम्मत कार्य के दौरान निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं थी? फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने आना बाकी है।

जगमोहन तिवारी के परिवार के लिए यह एक ऐसी त्रासदी है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। एक पिता घर से खेत के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। कई दिनों बाद जब उनकी तलाश खत्म हुई, तो परिवार को उनका शव भी उस हालत में नहीं मिला, जिसमें किसी अपने को आखिरी बार देख पाना संभव होता है।

Location :  Jhansi

Published :  13 October 2026, 11:13 AM IST