
नाले में गिरने से मजदूर की मौत (Img: Google)
Gorakhpur: गोरखपुर में एक दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। बिहार के समस्तीपुर निवासी 40 वर्षीय मजदूर तेतर दास की खुले नाले में गिरने से मौत हो गई। लेकिन इस घटना से भी ज्यादा दिल दहला देने वाली कहानी उस वक्त सामने आई, जब मृतक की बेटी ने अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए पुलिस से ऐसी गुहार लगाई, जिसे सुनकर अधिकारी भी भावुक हो गए।
शाहपुर थाना क्षेत्र के फातिमा बाईपास रोड पर स्थित एक शराब की दुकान के सामने यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेतर दास अचानक संतुलन खो बैठे और सड़क किनारे बने खुले नाले में जा गिरे। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। शाहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के युवकों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया। नाले की गहराई और उसमें भरे पानी की वजह से रेस्क्यू आसान नहीं था। रस्सियों के सहारे कुछ लोगों को नाले में उतारा गया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद तेतर दास को बाहर निकाला गया और तत्काल बीआरडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गर्लफ्रेंड से मिलने गाजियाबाद आया था अमरोहा का अमन, अब वापस जाएगी लाश, पढ़ें दिलदहलाने वाला मामला
हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने भी सवाल उठाया कि सड़क किनारे खुले नाले लोगों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं।
पुलिस ने मृतक की पहचान होने के बाद उसके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की। जांच के दौरान पता चला कि तेतर दास मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले थे। पुलिस ने उनकी बेटी अंजू को फोन कर हादसे और पोस्टमार्टम की जानकारी दी। लेकिन फोन पर जो बातचीत हुई, उसने पुलिसकर्मियों को भी भावुक कर दिया।
अंजू ने रोते हुए बताया कि उसकी मां की करीब पांच वर्ष पहले ब्लड कैंसर से मौत हो चुकी है। उसकी शादी दस साल पहले हो गई थी और अब उसके पांच बच्चे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और उसका पति मजदूरी करके किसी तरह घर चलाता है।
पत्नी के मायके पहुंचने से पहले उजड़ गया सुहाग, आखिर मैनपुरी में उस रात क्या हुआ?
पिता की मौत की खबर सुनकर बेटी टूट गई, लेकिन उसकी मजबूरी और भी बड़ी थी। उसने पुलिस को बताया कि उसके पास गोरखपुर आने तक के पैसे नहीं हैं। बेटी ने भर्राई आवाज में पुलिस से कहा, “साहब, हमारे हालात बहुत खराब हैं। मेरे पास किराए तक के पैसे नहीं हैं। मैं यहां से गोरखपुर नहीं आ सकती। अगर संभव हो तो आप ही मेरे पिता का अंतिम संस्कार करा दीजिए।”
यह सुनकर पुलिसकर्मी भी कुछ पल के लिए मौन हो गए। एक बेटी का अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल न हो पाने का दर्द और आर्थिक बेबसी हर किसी का दिल पिघलाने के लिए काफी थी।
अधिकारियों ने अंजू को भरोसा दिलाया कि उसे चिंता करने की जरूरत नहीं है। पुलिस प्रशासन ने निर्णय लिया कि तेतर दास का अंतिम संस्कार गोरखपुर के राजघाट पर पूरे सम्मान के साथ कराया जाएगा। साथ ही बेटी को हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया गया।
Location : Gorakhpur
Published : 11 June 2026, 2:41 PM IST