Gorakhpur: फर्जी शादी रैकेट मामले में बड़ा खुलासा, आठ आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट; जानिए कैसे होता था गंदा खेल

गोरखपुर की चिलुआताल पुलिस ने फर्जी शादी का झांसा देकर लोगों से वसूली करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के आठ सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। गिरोह की अवैध संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।

Post Published By: Subhash Raturi
Updated : 28 June 2026, 7:48 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर की चिलुआताल पुलिस ने फर्जी शादी का झांसा देकर दूसरे राज्यों के लोगों से ठगी और वसूली करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत आठ आरोपियों पर उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सुनियोजित तरीके से लोगों को जाल में फंसाकर उनसे धन उगाही कर रहा था।

गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमा

पुलिस अधीक्षक उत्तरी के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष सूरज सिंह ने गिरोह के खिलाफ गैंग चार्ट तैयार कराया। जिला मजिस्ट्रेट से अनुमोदन मिलने के बाद गैंग लीडर अंकुर सिंह सहित आठ आरोपियों के खिलाफ थाना चिलुआताल में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा संख्या 472/2026 दर्ज किया गया।

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ऐसे लोगों को बनाते थे शिकार

पुलिस जांच के अनुसार गिरोह दूसरे राज्यों के लोगों को शादी कराने का झांसा देकर गोरखपुर बुलाता था। यहां फर्जी शादी की पूरी कहानी रची जाती थी। इसके बाद आरोपी खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ितों को बंधक बना लेते थे और विभिन्न मामलों में फंसाने की धमकी देकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह की गतिविधियों से आम लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था।

आठ आरोपी थे शामिल

पुलिस ने गैंग लीडर अंकुर सिंह के अलावा राजू शर्मा, धीरेन्द्र यादव उर्फ टुनटुन, रवि चौधरी, मुन्ना जायसवाल, नवमी शर्मा, शैला देवी और नीलम सिंह को गैंग का सक्रिय सदस्य बनाया है। सभी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरोह के सरगना अंकुर सिंह पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट समेत करीब 28 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं गिरोह के अन्य सदस्यों पर भी हत्या के प्रयास, रंगदारी, अपहरण, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मामले दर्ज हैं।

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अवैध संपत्तियों की भी होगी जांच

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। अब गिरोह की अवैध संपत्तियों, आर्थिक नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की भी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गोरखपुर पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध और ठगी के मामलों में शामिल गिरोहों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। आम लोगों को झांसा देकर आर्थिक शोषण करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

Location :  Gorakhpur

Published :  28 June 2026, 7:48 PM IST