लोन चाहिए? पहले सोचिए… फर्जी लोन के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़, दो शातिर गिरफ्तार

गोरखपुर में फर्जी लोन का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले अंतरजनपदीय गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 14 July 2026, 8:40 PM IST

Gorakhpur: साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान "साइबर वज्र" के तहत कोतवाली पुलिस और साइबर टीम ने फर्जी लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 6 मोबाइल फोन, 10 एटीएम कार्ड, 6 सिम कार्ड और 1,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। दोनों के खिलाफ कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आरोपियों की हुई पहचान

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मंजीत कुमार निवासी नवादा (बिहार) और विजय विश्वकर्मा निवासी कुशीनगर के रूप में हुई है। दोनों काफी समय से सोशल मीडिया के जरिए फर्जी लोन कंपनी का प्रचार कर बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को अपने जाल में फंसा रहे थे।

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महिला को नौकरी दिलाने का झांसा

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एक महिला को फाइनेंस कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उसके नाम पर सिम कार्ड निकलवाया और यूको बैंक में खाता खुलवाकर एटीएम व सिम अपने कब्जे में रख लिए। इसके बाद उसी खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया गया। आरोपी लोन दिलाने का लालच देकर लोगों से रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस शुल्क जमा कराते थे। ठगी की रकम खाते में आते ही एटीएम से नकदी निकाल लेते और पीड़ितों का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर संपर्क समाप्त कर देते थे।

जब महिला का बैंक खाता फ्रीज हुआ तो पूरे मामले का खुलासा हुआ और उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया।

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आरोपियों ने पूछताछ में खोला राज

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मेटा विज्ञापनों (Meta Ads) के माध्यम से फर्जी लोन कंपनी का प्रचार करते थे। आवेदन करने वाले लोगों को कंपनी का कर्मचारी बनकर फर्जी पहचान पत्र भेजते और विश्वास में लेकर उनसे अलग-अलग खातों में पैसे जमा कराते थे। इसके बाद रकम निकालकर मोबाइल नंबर बंद कर देते थे।

पुलिस ने बताया कि दोनों के खिलाफ मु0अ0सं0 146/2026 में धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता एवं 66-डी आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस सफलता में कोतवाली पुलिस और गोरखपुर जोन की साइबर कमांडो टीम की संयुक्त भूमिका रही। पुलिस अब आरोपियों के नेटवर्क, बैंक खातों और अन्य सहयोगियों की भी गहन जांच कर रही है।

Location :  Gorakhpur

Published :  14 July 2026, 8:40 PM IST