अचानक जिला अस्पताल पहुंचे DM तो मचा हड़कंप! दवा से सफाई तक खुली पोल, बोले- अगली बार नहीं चलेगी लापरवाही

गोरखपुर जिला चिकित्सालय में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मंगलवार को औचक निरीक्षण किया। अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई कमियां मिलने पर उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। दवा भंडारण, सफाई, बायोमीट्रिक उपस्थिति और ऑनलाइन व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए। एक महीने बाद दोबारा निरीक्षण की चेतावनी दी गई।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 August 2026, 2:37 PM IST

Gorakhpur: जिला चिकित्सालय में मंगलवार को करीब 11 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब जिलाधिकारी दीपक मीणा अचानक निरीक्षण करने पहुंच गए। डीएम ने अस्पताल के अलग-अलग विभागों और व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई।

जिलाधिकारी ने साफ कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश देते हुए एक महीने बाद दोबारा निरीक्षण करने की बात कही।

दवा भंडारण को लेकर डीएम ने जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने दिव्यांग आयुष्मान प्रशिक्षण एवं निवारण केंद्र, आईएलआर सिस्टम, सीएमओ कार्यालय, औषधि नियंत्रण कक्ष और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी सिंह ने डीएम को दवा भंडारण व्यवस्था की जानकारी दी। इस दौरान दवाओं के रखरखाव को लेकर डीएम ने नाराजगी जताई।

उन्होंने निर्देश दिया कि हर अलमारी पर स्पष्ट रूप से लिखा जाए कि उसमें कौन-कौन सी दवाएं रखी गई हैं। दवाओं को बिना लेबल और अव्यवस्थित तरीके से रखने पर उन्होंने सख्त आपत्ति जताई।

सफाई व्यवस्था पर भी सख्त तेवर

जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि परिसर में कहीं भी कचरा नजर नहीं आना चाहिए।

इसके साथ ही मरीजों और तीमारदारों की सुविधा के लिए प्रत्येक कक्ष के बाहर वहां तैनात कर्मचारी का नाम और पद स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने को कहा। इससे अस्पताल आने वाले लोगों को सही कर्मचारी या अधिकारी तक पहुंचने में परेशानी न हो।

लाखों आंगनबाड़ी-आशा कार्यकर्ताओं के लिए खुल सकता है खजाना, अनुपूरक बजट में बढ़ेगा मानदेय?

बायोमीट्रिक उपस्थिति पर भी सवाल

निरीक्षण के दौरान बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली की भी जांच की गई। इसमें कमियां मिलने पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सभी कर्मचारियों को समय से ड्यूटी पर पहुंचने और बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल की गतिविधियों को अधिक से अधिक ऑनलाइन किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

देवरिया में बिजली संकट पर सपा का प्रदर्शन, विजय रावत ने SDM को सौंपा ज्ञापन, 48 घंटे का अल्टीमेटम

मरीजों से भी लिया सुविधाओं का फीडबैक

डीएम ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर इलाज, दवाओं और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दवाओं की उपलब्धता, वितरण और स्टॉक से जुड़ी जानकारी नियमित रूप से ऑनलाइन अपडेट की जाए। साथ ही इमरजेंसी सेवाओं को हर समय पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।

एक महीने बाद फिर होगा निरीक्षण

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि व्यवस्थाओं में सुधार के लिए पर्याप्त समय दिया जा रहा है। एक महीने बाद दोबारा निरीक्षण होगा और यदि उस दौरान लापरवाही या अव्यवस्था मिली तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मुकुल खंडेलवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी सिंह सहित चिकित्सक और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। डीएम के सख्त तेवर के बाद अस्पताल प्रशासन में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद तेज हो गई।

Location :  Gorakhpur

Published :  4 August 2026, 2:32 PM IST