
फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी बनाकर लोगों को फंसाता था गिरोह (Img: Dynamite News)
Gorakhpur: गोरखपुर पुलिस को 'साइबर वज्र' अभियान के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। सहजनवां थाना पुलिस ने फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने ग्राम पाली निवासी मनीषा, पत्नी श्याम कुमार प्रजापति, को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2) और 61(1)(a) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि मनीषा अपने पति श्याम कुमार प्रजापति और अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी का संचालन कर रही थी। गिरोह लोगों को आसान लोन, निवेश पर मोटा मुनाफा और वित्तीय सहायता का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था। जैसे ही लोग भरोसा करते, उनसे विभिन्न माध्यमों से बड़ी रकम ठग ली जाती थी।
ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर तुरंत निकाल लिया जाता था, जिससे जांच एजेंसियों के लिए पैसों का पता लगाना मुश्किल हो जाता था।
साइबर नोडल अधिकारी द्वारा संदिग्ध बैंक खातों की जांच के दौरान इस बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि गिरोह से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर 21 शिकायतें दर्ज हैं। इसके अलावा चार अलग-अलग राज्यों में भी इस गिरोह के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज मिले हैं। इससे साफ है कि यह गिरोह लंबे समय से अंतरराज्यीय स्तर पर साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। वहीं इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी श्याम कुमार प्रजापति अभी फरार है। उसके साथ अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि बैंक खातों, आर्थिक लेन-देन और गिरोह के पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। जल्द ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कर पूरे साइबर रैकेट का खुलासा किया जाएगा।
Location : Gorakhpur
Published : 16 July 2026, 7:37 AM IST