
10 साल पुराने दहेज हत्या कांड में आया फैसला (Img: Dynamite News)
Gorakhpur: करीब 10 साल तक अदालत में चली सुनवाई के बाद गोरखपुर के चर्चित दहेज हत्या मामले में आखिरकार फैसला आ गया। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 8 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
यह मामला खजनी थाना क्षेत्र के मुकदमा अपराध संख्या 43/2016 से जुड़ा है। वर्ष 2016 में दहेज हत्या के आरोप में विरेन्द्र कुमार गुप्ता, निवासी ग्राम पिपरा बनवारी, थाना खजनी, के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, 304बी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद मामला अदालत में विचाराधीन रहा।
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सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने कई अहम साक्ष्य और गवाह पेश किए। इन्हीं के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना। एफटीसी-1 (फास्ट ट्रैक कोर्ट), गोरखपुर ने विस्तृत सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए आरोपी को 7 साल के सश्रम कारावास और 8 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
इस मुकदमे की लगातार मॉनिटरिंग वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में की गई। थाना खजनी के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने अदालत में प्रभावी तरीके से मुकदमे की पैरवी सुनिश्चित कराई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन कनविक्शन के तहत पुराने और गंभीर मामलों में तेजी से सुनवाई कराकर दोषियों को सजा दिलाने की कोशिश लगातार जारी है।
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मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी रमेश चन्द्र पाण्डेय और एडीजीसी अतुल कुमार शुक्ला ने अदालत में प्रभावी पैरवी की। दोनों अधिवक्ताओं ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों को मजबूती से पेश किया, जिससे अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने में सफल रहा।
Location : Gorakhpur
Published : 27 July 2026, 6:58 PM IST