
महिला की हालत बिगड़ी
Badaun: बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज से एक बार फिर ऐसा मामला सामने आया है जिसने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पित्त की थैली के ऑपरेशन के लिए भर्ती हुई एक महिला की हालत कथित लापरवाही के बाद और बिगड़ गई। आरोप है कि डॉक्टरों ने गलत तरीके से ऑपरेशन किया, फिर दोबारा सर्जरी करनी पड़ी और इसके बावजूद मरीज की हालत लगातार खराब होती चली गई। जब परिवार को लगा कि इलाज के नाम पर सिर्फ पैसे वसूले जा रहे हैं, तो मेडिकल कॉलेज परिसर में तीमारदारों का गुस्सा फूट पड़ा और जमकर हंगामा शुरू हो गया।
मामला बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज का है। जानकारी के अनुसार, हजरतपुर निवासी भोले अपनी पत्नी शोभा चौहान को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। परिवार का कहना है कि करीब 14 दिन पहले डॉक्टरों ने महिला की जांच के बाद बताया कि पित्त की थैली का ऑपरेशन करना पड़ेगा।
परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने पेट में डाली गई नली गलत जगह लगा दी। बताया जा रहा है कि नली ज्यादा ऊपर चली गई और आंत में फंस गई। शुरुआत में मरीज की हालत सामान्य दिखाई दी, लेकिन कुछ समय बाद पेट में पस बनने लगी और दर्द बढ़ता गया। जब परिजनों ने डॉक्टरों से शिकायत की तो दोबारा ऑपरेशन करने की बात कही गई।
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तीमारदारों का कहना है कि दोबारा ऑपरेशन के बाद महिला को सांस लेने में परेशानी शुरू हो गई। जांच में बताया गया कि उसका फेफड़ा सिकुड़ गया है। परिजनों के मुताबिक, अब मरीज के पेट में संक्रमण और सड़न फैलने लगी है। हालत गंभीर होने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने महिला को सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर करने की तैयारी शुरू कर दी।
मरीज की बिगड़ती हालत और इलाज में लापरवाही के आरोपों के बाद मेडिकल कॉलेज में भारी हंगामा देखने को मिला। आक्रोशित तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कार्रवाई की मांग की। परिजनों का आरोप है कि शिकायत करने के बाद अधिकारियों ने सिर्फ आश्वासन दिया, लेकिन समय रहते सही इलाज नहीं मिला।
मरीज के तीमारदार मोहित ने आरोप लगाया कि इलाज और ऑपरेशन के नाम पर उनसे करीब 40 हजार रुपये वसूले गए। परिवार का कहना है कि पहले 12 हजार रुपये लिए गए, फिर बाद में 28 हजार रुपये और जमा कराए गए। बदले में उन्हें यह भरोसा दिलाया गया कि मरीज को निजी अस्पताल जैसा बेहतर इलाज मिलेगा।
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मामले के तूल पकड़ने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन हरकत में आया। बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों से जानकारी लेने के बाद सीएमएस को मौके पर भेजा गया है और पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
Location : Badaun
Published : 26 May 2026, 2:22 PM IST
Topics : Badaun Medical College Gallbladder Surgery Hospital Controversy Medical Negligence Uttar Pradesh News