
पुलिस और ग्रामीणों के बीच पथराव (IMG: Dynamite News)
Deoria: देवरिया के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के लबकनी गांव में अंबेडकर प्रतिमा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया है। सरकारी भूमि पर रखी गई प्रतिमा हटाने के दौरान हुए विरोध और पुलिस पर पथराव की घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। शुरुआती जांच में लापरवाही मिलने पर पांच सरकारी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं सात नामजद और 70 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है और छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर चुकी है।
लबकनी गांव में हुई हिंसा के बाद जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया। प्रारंभिक जांच में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद पुलिस विभाग के हल्का इंचार्ज, बीट सिपाही और एलआईयू (LIU) बीट सिपाही को निलंबित कर दिया गया। वहीं जिला प्रशासन ने संबंधित लेखपाल और पंचायत सचिव को भी निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद संबंधित विभागों में हलचल तेज हो गई है।
गुरुवार को सरकारी भूमि पर रखी गई डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को हटाने की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस तथा ग्रामीण आमने-सामने आ गए। पुलिस के मुताबिक विरोध के दौरान दो चरणों में पथराव हुआ, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा और काफी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया गया।
घटना के संबंध में ग्राम लबकनी निवासी सूरज प्रसाद, पुत्र चंद्रभान की तहरीर पर पुलिस ने सात नामजद और 70 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है और जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
देवरिया में अंबेडकर प्रतिमा हटाने पर बवाल, पुलिस और ग्रामीणों के बीच पथराव, कई जवान घायल
पुलिस अब घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया पर सामने आए मोबाइल वीडियो की मदद से उपद्रवियों की पहचान कर रही है। अब तक छह लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें एक किशोरी भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
घटना के बाद गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है। यदि किसी अन्य अधिकारी, कर्मचारी या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Location : Deoria
Published : 31 July 2026, 2:07 PM IST