साइबर ठगी का खतरनाक खेल, भारत पे का एजेंट बनकर आए ठग, पीड़ित के नाम पर लोन निकलवाकर उड़ाई रकम; ऐसे खुला राज

बलरामपुर साइबर ठगों ने डिजिटल पेमेंट की केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर एक व्यक्ति के दस्तावेज हासिल कर उसके नाम से बैंक खाता खुलवा लिया। इसके बाद उसके नाम पर 2.20 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराकर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 13 September 2026, 7:06 PM IST

Balrampur: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर साइबर ठगों ने डिजिटल पेमेंट की केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर एक व्यक्ति के दस्तावेज हासिल कर उसके नाम से बैंक खाता खुलवा लिया। इसके बाद उसके नाम पर 2.20 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराकर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से मोबाइल फोन, नकदी और पीड़ित के मूल दस्तावेज बरामद हुए हैं।

KYC अपडेट के नाम पर बनाया शिकार

मामला जिले के गौरा चौराहा थाना क्षेत्र का है। पीड़ित अजीबुर्रहमान ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि कुछ समय पहले कुछ लोग खुद को भारत पे का प्रतिनिधि बताकर उसके घर पहुंचे थे। आरोपियों ने उसे डिजिटल पेमेंट सेवा की ऑनलाइन केवाईसी पूरी कराने की बात कही। इसी प्रक्रिया का झांसा देकर उन्होंने पीड़ित का आधार कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया।

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फर्जी तरीके से खुलवाया बैंक खाता

पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़ित के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फिनो पेमेंट बैंक में कथित तौर पर फर्जी तरीके से खाता खुलवाया। इसके बाद पीड़ित के नाम पर 2 लाख 20 हजार रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया। लोन की रकम खाते में पहुंचने के बाद साइबर ठगों ने पूरी राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी और मौके से फरार हो गए। पीड़ित को मामले की जानकारी होने के बाद उसने पुलिस से शिकायत की।

पुलिस ने आरोपी को दबोचा

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम साइबर ठगी से जुड़े आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदीप कुमार पांडेय को नारायणपुर मझारी मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी के पास से मिले दस्तावेज

पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से 1,950 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और पीड़ित के मूल पहचान पत्र बरामद हुए। बरामद सामान को पुलिस ने कब्जे में लेकर मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है, ताकि ठगी से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की जानकारी सामने आ सके।

पूछताछ में सामने आई गिरोह की भूमिका

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर ठगी करने की बात स्वीकार की है। आरोपी ने बताया कि ठगी की रकम में से उसे 20 हजार रुपये मिले थे। उसके मुताबिक, इसमें से अधिकतर रकम वह खर्च कर चुका है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने इससे पहले कितने लोगों को इसी तरीके से अपना शिकार बनाया है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही मामले में शामिल उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। पुलिस साइबर ठगी के इस मामले में बैंक खातों, मोबाइल फोन और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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लोगों से सतर्क रहने की अपील

साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस ने लोगों से अपने आधार, पैन, बैंक और मोबाइल से जुड़ी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न देने की अपील की है। किसी भी डिजिटल सेवा की केवाईसी के नाम पर दस्तावेज या मोबाइल देने से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।

Location :  Balrampur

Published :  13 September 2026, 7:06 PM IST