FIR होते ही आ सकता है ठग का फोन! पुलिस बनकर मुकदमे में मदद का झांसा, बलिया पुलिस ने किया अलर्ट

बलिया पुलिस ने साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को अनजान कॉल, व्हाट्सऐप मैसेज, लिंक और एपीके फाइल से सावधान रहने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक साइबर ठग मुकदमों की जानकारी हासिल कर खुद को पुलिसकर्मी बताकर पीड़ितों से संपर्क कर रहे हैं और केस में मदद, धारा बढ़वाने या आरोपी को छुड़ाने के नाम पर पैसे मांग सकते हैं। पुलिस ने निजी और बैंकिंग जानकारी साझा न करने की सलाह दी है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 21 August 2026, 2:51 PM IST

Ballia: बलिया में साइबर अपराधियों के बढ़ते तरीकों को देखते हुए पुलिस ने आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साइबर ठग अब सिर्फ फर्जी लिंक या ओटीपी के जरिए ही लोगों को निशाना नहीं बना रहे, बल्कि पुलिस और मुकदमे से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल करके भी भरोसा जीतने की कोशिश कर रहे हैं। बलिया के पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने लोगों से अपील की है कि अनजान नंबरों से आने वाले फोन, व्हाट्सऐप मैसेज, डॉक्यूमेंट और एपीके फाइल को लेकर विशेष सावधानी बरतें।

मुकदमे की जानकारी लेकर बना रहे पुलिसकर्मी

एसपी के मुताबिक साइबर ठगों का एक नया तरीका सामने आया है। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग थानों में दर्ज मुकदमों की जानकारी यूपी कॉप पर उपलब्ध होने के कारण अपराधी मुकदमे के वादी या प्रतिवादी का मोबाइल नंबर हासिल कर सकते हैं। इसके बाद ठग संबंधित व्यक्ति को फोन कर खुद को पुलिसकर्मी या मामले से जुड़े किसी व्यक्ति का परिचित बताते हैं। बातचीत के दौरान वे मुकदमे में मदद करने, आरोपी को गिरफ्तार होने से बचाने, धारा बढ़वाने या किसी अन्य तरीके से मामला निपटाने का भरोसा दे सकते हैं।

केस में मदद के नाम पर मांगे जा सकते हैं पैसे

पुलिस ने साफ किया है कि किसी घटना के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियां अपनी कानूनी प्रक्रिया के तहत काम करती हैं। अगर कोई व्यक्ति फोन करके पुलिस के नाम पर पैसे मांगता है या केस में मदद के बदले रकम देने का दबाव बनाता है तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में फोन करने वाले व्यक्ति की पहचान और उसकी बात की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करनी चाहिए। बिना जांच किए किसी खाते में पैसे भेजना या व्यक्तिगत जानकारी देना भारी पड़ सकता है।

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परिचित के नंबर से मैसेज आए तो भी न करें भरोसा

साइबर ठग अब मोबाइल फोन और व्हाट्सऐप तक पहुंच बनाने के बाद पीड़ित की संपर्क सूची में शामिल लोगों को भी निशाना बना सकते हैं। ठग किसी परिचित के नंबर से मैसेज भेजकर अचानक पैसे की मदद मांग सकते हैं। ऐसे मैसेज में कई बार भावनात्मक स्थिति का हवाला दिया जाता है। सामने वाले को बताया जा सकता है कि किसी जरूरी काम के लिए तुरंत पैसे चाहिए या किसी परेशानी में फंसने के कारण तत्काल मदद की जरूरत है।

अनजान APK फाइल डाउनलोड करना पड़ सकता है भारी

पुलिस ने एपीके फाइल को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। साइबर ठग लोगों को अलग-अलग बहाने से मोबाइल पर एपीके फाइल भेज सकते हैं और उसे डाउनलोड करने के लिए कह सकते हैं। कई बार ऐसी फाइल मोबाइल में इंस्टॉल होने के बाद संवेदनशील जानकारी तक पहुंच का खतरा पैदा कर सकती है। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति या नंबर से आई फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करने से बचना चाहिए।

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बैंकिंग और निजी जानकारी किसी से साझा न करें

पुलिस ने लोगों को अपनी निजी और बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखने की सलाह दी है। किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते से जुड़ी जानकारी, पासवर्ड, पिन या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। अगर कोई व्यक्ति पुलिस अधिकारी, बैंक कर्मचारी या किसी अन्य सरकारी विभाग का अधिकारी बनकर फोन करता है और जानकारी या पैसे की मांग करता है तो पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें।

सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार

बलिया पुलिस लगातार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए लोगों को साइबर अपराध के नए तरीकों के बारे में जागरूक कर रही है। पुलिस का मकसद लोगों को ठगी के तरीके समझाकर उन्हें समय रहते सावधान करना है। पुलिस की अपील है कि अनजान कॉल को सावधानी से रिसीव करें, किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, अनजान एपीके या डॉक्यूमेंट फाइल डाउनलोड न करें और अचानक आए किसी भी आर्थिक मदद वाले मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें।

Location :  Ballia

Published :  21 August 2026, 2:51 PM IST