
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर (Source: Pinterest )
Ayodhya: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच अब गर्भगृह के पास रखे उस विशेष लॉकर तक पहुंच गई है, जिसमें श्रद्धालुओं की ओर से रामलला को अर्पित किए गए बहुमूल्य आभूषण और कीमती भेंट सुरक्षित रखी जाती हैं। विशेष जांच दल यानी SIT ने लॉकर में रखी वस्तुओं का सत्यापन किया और उनका मंदिर ट्रस्ट के अभिलेखों तथा दान की रसीदों से मिलान किया।
इससे पहले ट्रस्ट के बैंक लॉकर में रखे आभूषणों और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की भी जांच और वीडियोग्राफी की जा चुकी है।
सूत्रों के अनुसार, SIT ने गर्भगृह के समीप स्थित विशेष लॉकर में रखे आभूषणों की एक-एक जानकारी का रिकॉर्ड से मिलान किया। जिन श्रद्धालुओं ने सोना, चांदी या अन्य बहुमूल्य वस्तुएं रामलला को अर्पित की थीं, उन्हें जारी रसीदों के आधार पर यह सत्यापित किया गया कि संबंधित वस्तुएं सुरक्षित मौजूद हैं।
मंदिर में बहुमूल्य आभूषण चढ़ाने के बाद पहले उनकी निर्धारित प्रक्रिया के तहत तौल की जाती है। इसके लिए गर्भगृह के पास इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन की व्यवस्था है। तौल और अभिलेखीकरण के बाद श्रद्धालु को रसीद दी जाती है और आभूषण को सुरक्षित लॉकर में रखा जाता है।
इस विशेष लॉकर की सुरक्षा व्यवस्था भी बहुस्तरीय बताई जाती है। लॉकर को खोलने के लिए तीन चाबियां हैं। इनमें एक चाबी मंदिर संचालन एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे नरपत डुकिया के पास बताई गई है।
अन्य दो चाबियां शैलेंद्र शुक्ल और विंदेश्वरी सिंह के पास सुरक्षित रहती हैं। निर्धारित प्रक्रिया और आपसी समन्वय के बाद ही लॉकर खोला जाता है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की प्रशासनिक और धार्मिक व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने के लिए सीए नरपत डुकिया को मंदिर संचालन एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी है।
ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, डुकिया मंदिर संचालन एवं प्रबंधन इकाई के प्रमुख होंगे। उनके सहयोग के लिए आचार्य इंद्रदेव मिश्र को नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल दिसंबर 2026 तक रहेगा।
राम मंदिर ट्रस्ट के खातों का संचालन देखने वाले इंजीनियर जगदीश आफले को सचिव बनाए जाने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि ट्रस्ट की ओर से इसकी औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन ट्रस्ट की ओर से जारी विभिन्न पत्रों में उन्हें सचिव के रूप में संबोधित किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि दो सितंबर को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक में इसकी आधिकारिक घोषणा हो सकती है।
नरपत डुकिया की जिम्मेदारी मंदिर की समग्र प्रशासनिक व्यवस्था का समन्वय, विभागों के बीच तालमेल, व्यवस्थाओं की निगरानी और ट्रस्ट के निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगी।
ट्रस्ट की नई व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासनिक प्रबंधन और धार्मिक अनुष्ठानों की जिम्मेदारियों को अलग-अलग रखते हुए उनके बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। इससे मंदिर की व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।
Location : Ayodhya
Published : 11 August 2026, 10:21 AM IST
Topics : ayodhya news Ram Mandir Uttar Pradesh News