Ram Mandir Chadhawa Theft: आखिर चढ़ावे की रकम कहां गई? टिन्नू यादव और मनीष यादव 39 घंटे की पुलिस रिमांड पर

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी मामले में पुलिस ने गिरफ्तार दो आरोपियों की सात दिन की रिमांड मांगी है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ से चोरी की रकम, संभावित अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 17 July 2026, 6:57 PM IST

Ayodhya: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। इस मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों टिन्नू यादव और मनीष यादव से गहन पूछताछ के लिए अयोध्या पुलिस ने स्थानीय अदालत में सात दिन की पुलिस रिमांड की मांग की है। पुलिस का कहना है कि इस पूछताछ से चोरी की रकम, संभावित अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं।

कोर्ट से मांगी सात दिन की पुलिस रिमांड

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों से अब तक की पूछताछ में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, लेकिन मामले की कई कड़ियां अभी भी जुड़नी बाकी हैं। इसी वजह से अदालत से सात दिन की रिमांड मांगी गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आमने-सामने पूछताछ से चोरी के पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सकता है। टिन्नू यादव और मनीष यादव को 39 घंटे की पुलिस रिमांड मिली है।

क्या है पूरा मामला?

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालु बड़ी संख्या में दान पेटियों में चढ़ावा अर्पित करते हैं। आरोप है कि इसी चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन की प्रक्रिया का कथित रूप से फायदा उठाकर धन की चोरी की गई। मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

बरामदगी और नेटवर्क की जांच पर फोकस

पुलिस की प्राथमिकता चोरी की गई रकम की बरामदगी और यह पता लगाना है कि पैसा कहां और कैसे इस्तेमाल किया गया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मामले में कोई बड़ा नेटवर्क या अन्य लोग भी शामिल थे। इसके लिए आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

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मंदिर प्रशासन भी रखे हुए है नजर

राम मंदिर से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर मंदिर प्रशासन भी लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि है और जांच में पुलिस को हर संभव सहयोग दिया जा रहा है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है।

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अब कोर्ट के फैसले पर टिकी नजर

फिलहाल इस मामले में अगला बड़ा कदम अदालत के फैसले पर निर्भर करेगा। यदि कोर्ट पुलिस की सात दिन की रिमांड मंजूर कर देता है तो जांच को नई दिशा मिल सकती है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कई अहम तथ्य सामने आएंगे और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता मिली तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Ayodhya

Published :  17 July 2026, 6:28 PM IST