बदायूं में किन्नरों के दो गुटों के बीच हिंसा का बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। आरोप है कि दो किन्नरों का अपहरण कर उनके साथ बेरहमी से मारपीट, अपमान और अमानवीय व्यवहार किया गया। घटना के वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं।

बदायूं में किन्नरों के साथ क्रूरता (Img: Dynamite News )
Budaun: उत्तर प्रदेश के बदायूं से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। किन्नरों के दो गुटों के बीच विवाद इतना खतरनाक मोड़ ले बैठा कि मामला अपहरण, बेरहमी से मारपीट और अमानवीय यातना तक पहुंच गया। इस घटना के सामने आए वीडियो ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, बताया जा रहा है कि शनिवार को अलापुर थाना क्षेत्र के कस्बा म्याऊं निवासी किन्नर चांदनी समेत दो किन्नरों को दूसरे गुट ने जबरन गाड़ी में बैठाकर अगवा कर लिया। आरोप है कि गाड़ी में ही दोनों के साथ मारपीट की गई, जिसका वीडियो भी सामने आया है।
इसके बाद आरोपियों ने दोनों को जनपद फर्रुखाबाद ले जाकर एक मकान में बंद कर दिया, जहां उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। यहीं नहीं, आरोप है कि हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए पीड़ितों को निर्वस्त्र कर पीटा गया, उन्हें जबरन पेशाब पिलाया गया, सिर के बाल काट दिए गए और जूतों की माला पहनाकर अपमानित किया गया। इन घटनाओं के भी वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिससे सनसनी फैल गई है।
पीड़ित किन्नर चांदनी ने अलापुर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने दोनों पीड़ितों को बरामद कर लिया है और मामले में एक आरोपी किन्नर को हिरासत में लिया है, जिस पर पेशाब पिलाने का आरोप है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने फिलहाल केवल शांति भंग की धाराओं में ही कार्रवाई की है, जो इस गंभीर मामले के मुकाबले बेहद हल्की मानी जा रही है।
थाना प्रभारी माधो सिंह बिष्ट का कहना है कि शांति भंग में कार्रवाई की गई है। वहीं जब उनसे वायरल वीडियो के बारे में पूछा गया तो उन्होंने वीडियो को पुराना बताते हुए अपना बचाव किया।
पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने आरोपियों के साथ सांठगांठ कर ली है और इसी वजह से मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। पीड़ितों का कहना है कि उनके साथ हुई बर्बरता के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा।