
ट्रैफिक इंस्पेक्टर का वेतन रुका (Img: AI Generated Image)
Agra: आगरा के एक लंबित मुकदमे में गवाही से दूरी बनाना यातायात निरीक्षक राजीव कुमार को भारी पड़ गया। तय तारीख पर अदालत में गवाही होनी थी, लेकिन उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी बयान देने में असमर्थता जताई। इसके बाद अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अपर जिला जज-4 पवन कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने तत्कालीन यातायात निरीक्षक राजीव कुमार के खिलाफ पुलिस एक्ट की धारा 29 के तहत नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। राजीव कुमार फिलहाल प्रयागराज जनपद में तैनात हैं। अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि जब तक वह अदालत में उपस्थित होकर गवाही नहीं देते, तब तक उनका अग्रिम वेतन रोका जाए।
मामला थाना रकाबगंज में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। ‘राज्य बनाम सूरज जाटव आदि’ नाम से चल रहे इस मुकदमे में राजीव कुमार गवाह हैं। अदालत के अनुसार, गवाही के लिए पहले भी कई बार आदेश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन उनका अनुपालन नहीं हुआ।
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गवाही सुनिश्चित कराने के लिए इससे पहले जमानती और गैर जमानती वारंट भी तामील कराए गए थे। इसके बाद राजीव कुमार की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज कराने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने उनके प्रार्थनापत्र को स्वीकार करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही के लिए तारीख तय की थी।
17 सितंबर को राजीव कुमार की गवाही होनी थी। हालांकि, उस दिन उन्होंने फोन के जरिए अदालत को बताया कि किसी कारण से वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी गवाही देने की स्थिति में नहीं हैं।इसके बाद अभियोजन की ओर से अदालत से उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की मांग की गई। मामले की परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने अब पुलिस एक्ट की धारा 29 के तहत नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने राजीव कुमार की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए आदेश की प्रति प्रयागराज के पुलिस अधीक्षक को भेजने का निर्देश दिया है। यानी अब उनकी अदालत में मौजूदगी सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित पुलिस अधिकारियों पर भी रहेगी। मामले में अगली गवाही के लिए 29 सितंबर की तारीख तय की गई है।
Location : Agra
Published : 20 September 2026, 10:02 AM IST