
प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest )
Agra: आगरा में एक परिवार ने जिस महिला को मृत समझकर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी थी, उनके शरीर में अचानक हलचल होने से हर कोई हैरान रह गया। दामाद ने पैर छुए तो महिला ने उनका हाथ पकड़ लिया। इसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। नौ दिन तक इलाज चला और परिवार को उम्मीद थी कि वह ठीक हो जाएंगी, लेकिन रविवार सुबह उनकी सांसें दोबारा थम गईं।
शीला देवी आगरा के ट्रांस यमुना क्षेत्र की श्रीनगर कॉलोनी में रहती थीं। वह लंबे समय से बीमार चल रही थीं। उनके लीवर में परेशानी के साथ सांस संबंधी बीमारी भी थी। उनके पति हरिओम माहौर का पहले ही निधन हो चुका है। शीला देवी अपने बड़े बेटे सुनील माहौर के परिवार के साथ रहती थीं।
इलाज के लिए वह करीब डेढ़ महीने पहले अपने दूसरे बेटे संजीव के पास बदायूं गई थीं। हालत बिगड़ने पर उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा। बाद में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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परिजन एंबुलेंस से शीला देवी का शव लेकर घर पहुंचे। घर में मातम पसरा था और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हो गई थी। फूल-माला मंगाई जा चुकी थी। परिवार के लोग शव को देखकर रो रहे थे।
इसी दौरान करीब 17 घंटे बाद अचानक शीला देवी के शरीर में हलचल हुई। दामाद ने उन्हें छुआ तो उन्होंने हाथ पकड़ लिया। यह देखकर वहां मौजूद परिजनों के होश उड़ गए।
शीला देवी ने परिजनों से कहा कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है और सभी लोग क्यों रो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह जिंदा हैं और मरी नहीं हैं। महिला के इस तरह बोलने के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई।
परिजनों ने बिना देर किए उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। इस घटना के बाद परिवार में फिर से खुशी की उम्मीद जगी। बड़े बेटे सुनील को भरोसा था कि बेहतर इलाज से उनकी मां की हालत सुधर सकती है।
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शीला देवी को आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। परिवार लगातार उनके ठीक होने की उम्मीद लगाए रहा। करीब नौ दिनों तक उनका उपचार चलता रहा।
परिजनों को उम्मीद थी कि शीला देवी की हालत में सुधार होगा और वह फिर सामान्य जिंदगी में लौट आएंगी। लेकिन रविवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्होंने दम तोड़ दिया।
शीला देवी की मौत की खबर सुनते ही परिवार में एक बार फिर मातम पसर गया। जिस परिवार ने कुछ दिन पहले उन्हें मृत समझकर अंतिम विदाई की तैयारी कर ली थी, उसी परिवार को अब दूसरी बार उनकी मौत का सदमा झेलना पड़ा।
नौ दिनों तक मां के ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठे सुनील और परिवार के अन्य सदस्यों की आंखें फिर नम हो गईं। इस पूरे घटनाक्रम ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
Location : Agra
Published : 9 August 2026, 4:27 PM IST
Topics : Agra news Sheela Devi Case Uttar Pradesh News