मेरा बेटा तो चला गया, रिश्तेदारों को क्यों सजा दे रहे हैं? अंतिम संस्कार के बीच पिता अपील से पसीजा सबका दिल

आगरा के फतेहाबाद हादसे के बाद एक पिता का दर्द अब प्रशासन तक पहुंच रहा है। बेटे की मौत का गम झेल रहे परिवार का आरोप है कि सांत्वना देने आए रिश्तेदारों को भी पुलिस ने नहीं बख्शा। अंतिम संस्कार के बाद पिता की भावुक अपील ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 17 June 2026, 12:58 PM IST

Agra: फतेहाबाद सड़क पर हुए दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। 22 वर्षीय मनीष की मौत के बाद घर में मातम पसरा हुआ था। मंगलवार को जब गांव के लोग और रिश्तेदार अंतिम विदाई देने पहुंचे, तब किसी ने नहीं सोचा था कि बेटे के अंतिम संस्कार के बीच एक पिता को अपने रिश्तेदारों के लिए भी गुहार लगानी पड़ेगी।

मनीष के पिता सामलिया सिंह की आवाज में दर्द साफ झलक रहा था। उनका कहना था कि जिस बेटे को उन्होंने बड़े अरमानों से पाला, वह अब इस दुनिया में नहीं रहा। लेकिन दुख की इस घड़ी में उनके रिश्तेदारों को भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा, जिससे उनका दर्द और बढ़ गया।

हादसे के बाद बवाल

सोमवार को फतेहाबाद के पूठपुरा गांव के पास एक बेकाबू थार ने कई वाहनों को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में मनीष की जान चली गई। घटना के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और इलाके में हंगामा शुरू हो गया। हालात इतने बिगड़े कि कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सख्त कदम उठाए। इसी दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया। परिजनों का आरोप है कि इनमें कुछ ऐसे रिश्तेदार भी शामिल थे, जो केवल दुख की घड़ी में परिवार का साथ देने पहुंचे थे।

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"वादा किया था छोड़ देंगे, लेकिन जेल भेज दिया"

सामलिया सिंह का कहना है कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों से साफ कहा था कि बवाल में शामिल लोग और हैं, जबकि उनके रिश्तेदार सिर्फ अंतिम संस्कार और शोक में शामिल होने आए थे। उनके मुताबिक बातचीत के दौरान आश्वासन दिया गया था कि अंतिम संस्कार के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और बाद में उनका चालान कर दिया गया। यही बात अब परिवार को सबसे ज्यादा परेशान कर रही है।

चार महीने पहले ही बजी थीं शहनाइयां

महज चार महीने पहले ही घर में खुशियों का माहौल था। धूमधाम से मनीष की शादी हुई थी और परिवार भविष्य के सपने बुन रहा था। पिता बताते हैं कि वह पोते का मुंह देखने का सपना संजोए बैठे थे। लेकिन एक हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया। अब घर में शादी की तस्वीरें हैं और उनके बीच पसरा हुआ सन्नाटा।

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नई दुल्हन का दर्द देख हर आंख नम हुई

पति की मौत की खबर ने मनीष की पत्नी को पूरी तरह तोड़ दिया। अंतिम संस्कार के दौरान वह कई बार पति के शव से लिपटकर बेहोश हो गई। परिवार और गांव की महिलाएं उसे संभालने की कोशिश करती रहीं, लेकिन उसका दर्द किसी के बस में नहीं था। गर्मी और भीड़ के बीच उसे पानी पिलाने की कोशिश भी की गई, मगर गले से एक बूंद तक नहीं उतर सकी।

अब इंसाफ और राहत की उम्मीद

बेटे को खो चुके पिता की मांग सिर्फ इतनी है कि निर्दोष रिश्तेदारों को राहत मिले। उनका कहना है कि परिवार पहले ही अपूरणीय क्षति झेल चुका है, ऐसे में दुख बांटने आए लोगों पर कार्रवाई से घाव और गहरे हो रहे हैं।

Location :  Agra

Published :  17 June 2026, 12:58 PM IST