नोएडा में मौत का गड्ढा! सुपरनोवा के पीछे डूबा छात्र, परिवार ने उठाए साजिश के सवाल

नोएडा के सेक्टर-94 में पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से एक छात्र की मौत का मामला सामने आया है। गाजियाबाद निवासी हर्षित भट्ट की मौत को लेकर परिवार ने साजिश की आशंका जताई है, जबकि पुलिस इसे हादसा मानकर जांच कर रही है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 9 April 2026, 2:54 PM IST

Noida: नोएडा में एक बार फिर मौत ने उस जगह से दस्तक दी, जहां पहले भी लापरवाही के निशान छोड़े जा चुके थे। पानी से भरे एक गहरे, सुनसान गड्ढे ने इस बार एक और युवा की जिंदगी निगल ली। लेकिन यह सिर्फ एक हादसा है या इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है। यही सवाल अब हर किसी के मन में उठ रहा है। शरीर पर मिले चोट के निशान, दोस्तों के बयान और घटनास्थल की हालत… सब मिलकर इस मौत को रहस्यमय बना रहे हैं।

सेक्टर-94 में हुआ दर्दनाक हादसा

घटना नोएडा सेक्टर 94 की है, जहां सुपरनोवा इमारत के पीछे बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में पानी भरा हुआ था। बुधवार शाम करीब 4 बजे गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी 23 वर्षीय हर्षित भट्ट अपने तीन दोस्तों के साथ यहां पिकनिक मनाने पहुंचा था। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, चारों दोस्तों ने नहाने का प्लान बनाया और गड्ढे में उतर गए। लेकिन कुछ ही देर में हर्षित गहराई में फंस गया और दलदल में धंसते हुए डूबने लगा।

दोस्तों के सामने डूबा हर्षित

बताया जा रहा है कि हर्षित सबसे पहले पानी में उतरा था। जैसे ही वह बीच हिस्से में पहुंचा, उसका पैर दलदल में फंस गया। उसके दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन गहराई और कीचड़ के कारण वे सफल नहीं हो सके। घबराए दोस्तों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने हर्षित को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

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अस्पताल में मृत घोषित

हर्षित को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला डूबने का लग रहा है, लेकिन अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखते हुए जांच जारी है।

मां ने उठाए गंभीर सवाल

हर्षित की मौत के बाद उसकी मां ने इस पूरे मामले पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि उनका बेटा तैरना अच्छी तरह जानता था और वह फिजिकल एजुकेशन का छात्र था। ऐसे में उसका इस तरह डूब जाना कई सवाल खड़े करता है। परिवार का दावा है कि हर्षित के शरीर पर चोट के कई निशान थे, जो सामान्य डूबने की घटना में नहीं हो सकते। उन्होंने आशंका जताई है कि यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि साजिश भी हो सकती है।

घटनास्थल पर मिले शराब के सबूत

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के बाद मौके से शराब की बोतलें और बीयर केन भी बरामद हुई हैं। इससे यह भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या वहां पार्टी के दौरान कोई लापरवाही हुई थी। हालांकि परिवार ने साफ कहा है कि हर्षित शराब नहीं पीता था और वह एक जिम्मेदार छात्र था।

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अधूरी साइट बनी मौत का जाल

जिस जगह यह हादसा हुआ, वह सुपरनोवा प्रोजेक्ट के पीछे का इलाका है, जहां बेसमेंट के लिए गहरी खुदाई की गई थी। यह गड्ढा कई सालों से पानी से भरा हुआ है और इसकी गहराई 70 से 80 फीट तक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जगह लंबे समय से खतरनाक बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।

पहले भी हो चुका है हादसा

इससे पहले नोएडा सेक्टर 150 में भी इसी तरह के गड्ढे में डूबने से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो चुकी है। उस घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के बड़े दावे किए थे, लेकिन सेक्टर-94 की घटना ने उन दावों की पोल खोल दी है। बताया जा रहा है कि यह प्लॉट खतरनाक जगहों की सूची में भी शामिल नहीं था, जिससे प्रशासन की लापरवाही और ज्यादा उजागर होती है।

प्राधिकरण पर उठे सवाल

नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि प्लॉट के चारों ओर तारबंदी की गई थी और सुरक्षा गार्ड भी तैनात थे। लेकिन सवाल यह है कि अगर सुरक्षा इंतजाम थे, तो चार युवक वहां तक कैसे पहुंच गए? यह प्लॉट हैबिटेट एंड कन्वेंशन सेंटर प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जो पिछले कई सालों से अधूरा पड़ा है और अब एक खतरनाक खाई में बदल चुका है।

Location :  Noida

Published :  9 April 2026, 2:54 PM IST