
शेयर बाजार में बढ़त ( Img Source: Google)
नई दिल्ली: देश के शेयर बाजारों में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। इस तेजी की दो प्रमुख वजहें रहीं- पहली, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से ब्याज दरों में 50 आधार अंकों की बड़ी कटौती, और दूसरी, वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख। निवेशकों की धारणा में सुधार के चलते बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी ने नई ऊंचाइयों को छुआ।
शुरुआती कारोबार में ही 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 480.01 अंक बढ़कर 82,669 पर पहुंच गया, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 157.05 अंकों की बढ़त के साथ 25,160.10 पर पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को सेंसेक्स 746.95 अंकों की छलांग के साथ 82,188.99 पर बंद हुआ था और निफ्टी ने 25,000 का महत्वपूर्ण स्तर पार करते हुए 252.15 अंकों की बढ़त के साथ 25,003.05 का स्तर हासिल किया था।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा मोटर्स, एक्सिस बैंक, मारुति सुजुकी, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और बजाज फाइनेंस के शेयरों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। ये कंपनियां निवेशकों को अच्छा रिटर्न देती दिखीं। दूसरी ओर, भारती एयरटेल, अडानी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील और इटरनल के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
प्रतीकात्मक छवि (फाटो सोर्स- इंटरनेट)
एक्सचेंज डेटा के अनुसार, शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भी बाजार में विश्वास दिखाते हुए 1,009.71 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इससे बाजार की धारणा और मजबूत हुई।
एशियाई बाजारों में भी सोमवार को तेजी देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार भी मजबूती के साथ बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला।
जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार का कहना है कि आरबीआई की मौद्रिक नीति ने निकट भविष्य में बाजार की तेजी को बनाए रखने की नींव रख दी है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब निवेशकों की नजर चौथी तिमाही के आय नतीजों पर होगी, खासकर मिडकैप कंपनियों के प्रदर्शन पर।
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, आरबीआई की ओर से ब्याज दरों में 50 आधार अंकों की कटौती एक चौंकाने वाला और सकारात्मक कदम है। इससे न केवल बाजार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आम आदमी को भी ईएमआई में राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा कि, वॉल स्ट्रीट की 6,000 अंकों की रैली और अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों को लेकर आशावाद से भी निवेशकों में उत्साह आया है।
कुल मिलाकर, मौद्रिक नीति में नरमी, वैश्विक बाजारों की मजबूती और निवेशकों की सकारात्मक धारणा ने भारतीय शेयर बाजार में नई जान फूंक दी है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि आगामी तिमाही नतीजे बेहतर आते हैं, तो बाजार और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है।
Location : New Delhi
Published : 9 June 2025, 11:28 AM IST