
प्रतीकात्मक तस्वीर (Img- Internet)
New Delhi: आज भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex 1,500 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ 71,608 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 450 से ज़्यादा अंकों की गिरावट के साथ 22,209 पर बंद हुआ। इस गिरावट के कारण निवेशकों को लगभग 9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
बाजार के लगभग हर सेक्टर में बिकवाली का दबाव रहा। बैंकिंग, ऑटो, फार्मा, रियल्टी और मेटल सेक्टर में 2% से अधिक की गिरावट देखी गई। मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी 2.8% तक की तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की बेचैनी और बढ़ गई।
1. ट्रंप का कड़ा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर “बहुत कड़े हमले” करने की चेतावनी दी। इससे निवेशकों में डर फैल गया और वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने की आशंका के चलते बिकवाली तेज हो गई।
2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
ब्रेंट क्रूड की कीमत 4% से अधिक बढ़कर $105 प्रति बैरल के पार चली गई। भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए यह महंगाई और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाता है, जिससे निवेशकों ने शेयर बेचने शुरू किए।
3. वैश्विक बाजारों की कमजोरी
एशियाई बाजारों में गिरावट और अमेरिकी फ्यूचर्स की कमजोरी ने भारतीय शेयर बाजार पर सीधा असर डाला। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया और बिकवाली तेज हुई।
4. महंगाई और ब्याज दरों की चिंता
तेल की बढ़ती कीमतों के चलते महंगाई बढ़ने की आशंका और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने लगी। इससे निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए शेयर बेचना शुरू कर दिया।
5. निवेशकों में घबराहट
भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों में घबराहट पैदा की। लोग सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़े, जिससे बाजार में बिकवाली और तेज हुई।
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आज जिन कंपनियों पर निवेशकों की निगाहें टिकी रही, उनमें Maruti Suzuki, Indian Oil Corporation, Wipro और Tata Power शामिल हैं। अगर वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतें इसी रफ्तार से बढ़ती रही, तो आगे और उतार-चढ़ाव की संभावना है।
Location : New Delhi
Published : 2 April 2026, 10:59 AM IST