Economy News: अनिल अंबानी पर भी गहराया संकट, जानिए क्या है वजह

SBI ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के लोन खाते को 'फ्रॉड' श्रेणी में डाल दिया है। अब बैंक इस मामले की रिपोर्ट भारतीय रिजर्व बैंक को भेजने की तैयारी में है। यह फैसला कंपनी की लोन शर्तों के उल्लंघन और वित्तीय अनियमितताओं के बाद लिया गया है।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 3 July 2025, 8:02 PM IST
google-preferred

New Delhi: एक समय देश के टेलीकॉम सेक्टर में प्रमुख स्थान रखने वाली अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (Reliance Communications) को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने बड़ा झटका दिया है। बैंक ने कंपनी के लोन खाते को ‘धोखाधड़ी’ (Fraud) की श्रेणी में डाल दिया है। इस फैसले के बाद अब SBI, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को कंपनी और उसके पूर्व निदेशक अनिल अंबानी की रिपोर्ट भेजने की तैयारी में है।

कंपनी ने मंगलवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इस फैसले की पुष्टि की। रिपोर्ट के मुताबिक, यह निर्णय अगस्त 2016 में दी गई क्रेडिट सुविधाओं के संदर्भ में लिया गया है। फिलहाल रिलायंस कम्युनिकेशंस दिवालियापन संहिता (IBC) के तहत कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) से गुजर रही है और राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रही है।

State Bank of India Photo (Source-Google)

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया फोटो (सोर्स-गूगल)

क्या था मामला?

कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, SBI ने कंपनी को दिसंबर 2023, मार्च 2024 और सितंबर 2024 में कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। कंपनी के जवाबों की समीक्षा करने के बाद बैंक इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने लोन शर्तों का पालन नहीं किया और खातों की जानकारी में गंभीर अनियमितताएं कीं।

बैंक ने स्पष्ट किया है कि उसने अब इस लोन खाते को 'फ्रॉड' घोषित कर दिया है और साथ ही संबंधित व्यक्तियों की रिपोर्ट भी आरबीआई को भेजी जाएगी, जिसमें अनिल अंबानी का नाम भी शामिल है।

रिलायंस कम्युनिकेशंस की प्रतिक्रिया

कंपनी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि SBI द्वारा दी गई क्रेडिट सुविधाएं 2019 में CIRP शुरू होने से पहले की अवधि से जुड़ी हैं। कंपनी का दावा है कि IBC की धारा 32A के अनुसार, समाधान योजना स्वीकृत होने पर, उसे पूर्व अपराधों से जुड़ी देनदारियों से छूट मिलती है।

रिलायंस कम्युनिकेशंस ने यह भी कहा है कि इन मामलों का समाधान संविधानिक समाधान योजना या परिसमापन के अंतर्गत ही किया जाना चाहिए और कंपनी को इस समय IBC की कानूनी सुरक्षा प्राप्त है। साथ ही, कंपनी ने यह भी बताया कि वह इस मुद्दे पर कानूनी सलाह ले रही है।

पहले भी आ चुका है ऐसा मामला

गौर करने वाली बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी बैंक ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के खाते को फ्रॉड करार दिया हो। नवंबर 2024 में केनरा बैंक ने भी ऐसा ही कदम उठाया था, लेकिन फरवरी 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने उस फैसले पर रोक लगा दी थी, यह कहते हुए कि उधारकर्ता को सुनवाई का उचित अवसर नहीं दिया गया।

Location :  New Delhi

Published :  3 July 2025, 8:00 PM IST

Advertisement