
प्रतीकात्मक छवि (Img- Internet)
New Delhi: ईरान युद्ध को शुरू हुए तीन महीने पूरे हो चुके हैं, लेकिन हालात अभी भी सामान्य होते नहीं दिख रहे हैं। युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। इसका असर दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर देखने को मिल रहा है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों में तेजी दर्ज की गई, जिससे आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने 1 जून 2026 को पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि पिछले महीने विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद तेल कंपनियां 11 दिनों के भीतर चार बार कीमतें बढ़ा चुकी हैं। इससे आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने 15 मई को पेट्रोल में 3 रुपये और डीजल में 3.29 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद 19 और 23 मई को पेट्रोल 87-87 पैसे तथा डीजल 91-91 पैसे महंगा किया गया। वहीं 25 मई को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया गया। लगातार हुई इन बढ़ोतरी के कारण कई शहरों में पेट्रोल 110 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है।
देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये, मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये तथा चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर है। भोपाल, पटना और रांची जैसे शहरों में भी ईंधन की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और जेट फ्यूल की बिक्री पर प्रतिदिन करीब 750 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में कंपनियों पर और दबाव बढ़ सकता है।
पिछले सप्ताह युद्ध समाप्त होने की उम्मीद के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत में लगभग 11 प्रतिशत की गिरावट आई थी। लेकिन सोमवार को बाजार खुलते ही इसमें फिर तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड 1.95 प्रतिशत बढ़कर 92.90 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 2.38 प्रतिशत की तेजी के साथ 89.44 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में फिर से चिंता बढ़ गई है।
Location : New Delhi
Published : 1 June 2026, 8:02 AM IST