
भारत को नहीं होगी तेल की किल्लत
New Delhi: अमेरिका-इजरायल और ईरान में चल रहे युद्ध के कारण दुनिया के कई मुल्क इस बात से चिंतित हैं कि उन्हें तेल की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन भारत को ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा। भारत के लिए अच्छी खबर यह है कि रूस ने एक बार फिर भारत को तेल की आपूर्ति करने का भरोसा दिया है। रूस ने कहा है कि अगर भारत को तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर किल्लत हुई, तो वह भारत का भरपूर साथ देगा।
गौरतलब है कि भारत अरसे से रूस से सस्ता क्रूड ऑयल मंगाता रहा, लेकिन अमेरिका से ट्रेड समझौते के बाद से भारत ने रूस से तेल मंगाना काफी कम कर दिया है। युद्ध के बीच ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का ऐलान किया, तो दुनिया के साथ भारत की चिंताएं भी बढ़नी स्वाभाविक हैं, क्योंकि इस स्ट्रेट से दुनिया के 31 फीसदी जहाजी क्रूड ऑयल टैंकर गुजरते हैं। यानी करीब 1.3 करोड़ बैरल तेल हर दिन इसी खाड़ी से गुजरता है। भारत पश्चिम एशिया से आने वाले तेल और LNG पर बहुत हद तक निर्भर है।
रूसी संघ के दूतावास के एक अधिकारी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हम भारत की ऊर्जा जरूरतों की मांग को पूरा करने के लिए तैयार हैं। रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने भी कहा है कि हमने हमेशा भारत के लिए तेल आपूर्ति खुली रखी है। एनर्जी सप्लाई में बाधा के बावजूद रूस भारत की यह मांग पूरी करता करेगा।
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय के मुताबिक भारत के पास पर्याप्त क्रूड रिजर्व है और उसके पास पेट्रोल-डीजल और विमानन टर्बाइन ईंधन (ATF) समेत जरूरी ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है। इससे क्षेत्र में बढ़ते तनाव के दौरान शॉर्ट टर्म सप्लाई में बाधा से निपटने में मदद मिलेगी।
भारत ने अपनी आबादी के लिए सस्ता तेल और उपलब्धता दोनों ही सुनिश्चित कर लिया है। भारतीय कंपनियां अब अपनी एनर्जी सप्लाई के लिए होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल नहीं कर रही हैं।
जानकारों के मुताबिक भारत अपनी घरेलू ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ईंधन निर्यात पर कुछ रोक लगा सकता है।
सरकार अपनी घरेलू गैस और पाइप सप्लाई को बनाए रखने के लिए औद्योगिक यूजर्स को दूसरे तरह के ईंधन के इस्तेमाल के लिए भी कह सकती है।
Location : New Delhi
Published : 5 March 2026, 4:58 PM IST