
क्या रूस से तेल खरीदेगा भारत
New Delhi: सोमवार रात को अमेरिका से एक अच्छी खबर सामने आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगे टैरिफ को घटाने का ऐलान किया। अब देश में लगे 25% से घटाकर 18% कर दिया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा भी किया है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर्स को शून्य तक कम करेगा तथा ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला आदि क्षेत्रों में 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा। ट्रंप ने इसे भारत के साथ संबंधों को और मजबूत बनाने वाला कदम बताया।
हांलाकि भारत सरकार ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, जिससे स्थिति साफ नहीं हुई है। बता दें कि रूस भारत का पारंपरिक मित्र हैं और भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक देश है।
भारतीय शेयर बाजार में आई तेजी
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस समझौते के बाद भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखी गई। निफ्टी 50 के फ्यूचर्स में 3.8% तक की उछाल आई, जबकि अमेरिका में लिस्टेड iShares MSCI India ETF में 2.4% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऑफशोर ट्रेडिंग में रुपया डॉलर के मुकाबले 1% मजबूत हुआ।
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भारत के लिए बड़ी राहत
यह समझौता भारत के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि पहले 25% (कुछ मामलों में 50% तक) की ऊंची टैरिफ से भारत के करीब 55% निर्यात पर असर पड़ रहा था और यह देश की मैन्युफैक्चरिंग के लिए चुनौती बन रहा था।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने ट्वीट किया किया कि जैसा कि मैंने कई बार कहा है राष्ट्रपति ट्रंप सच में प्रधानमंत्री मोदी को एक महान दोस्त मानते हैं। आज शाम ट्रेड डील की खबर से बहुत खुश हूं। संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच संबंधों में असीमित क्षमता है।
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भारत को रूस से सस्ता तेल खरीदना बंद करने पर रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। ये भी सच है कि भारत ने रूस से रियायती दरों पर सस्ता कच्चा तेल खरीदकर अरबों डॉलर बचाए हैं। ऐसे में रूस से पूरी तरह से तेल की खरीद बंद होने से पेट्रोल -डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
करीब तीन महीने पहले फॉर्च्यून इंडिया की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि अगर भारत रूस से पूरी तरह तेल खरीदना बंद करेगा तो उसे रोजाना करीब 28 करोड़ से 56 करोड़ रुपये तक का आर्थिक नुकसान हो सकता है।
रूस, भारत के कच्चे तेल के आयात का सबसे बड़ा स्रोत है। अगर भारत सचमुच रूस से तेल खरीदना बंद करने का वादा करता है, तो यह ग्लोबल एनर्जी डिप्लोमेसी में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। यह ऐसे समय होगा जब अमेरिका, यूक्रेन युद्ध के बीच रूस की तेल से होने वाली आमदनी को रोकने के लिए करीब 6 महीने से संघर्ष कर रहा था। भारतीय नियामक संस्थाएं और प्रमुख तेल रिफाइनरियां जोखिमों और विकल्पों का आकलन कर रही थीं।
Location : New Delhi
Published : 3 February 2026, 12:14 AM IST
Topics : America donaldtrump PM Narendra Modi reducedtariffs