‘वोकल फॉर लोकल’ का असर: दीपावली 2025 में भारतीय वस्तुओं की बिक्री 25% बढ़ी, इतिहास का सबसे बड़ा त्योहारी कारोबार

भारत में दीपावली 2025 के दौरान व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच उत्साह की लहर देखी गई, जिसमें कुल बिक्री 6.05 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची। नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान ने भारतीय उत्पादों की मांग में जबरदस्त वृद्धि की।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 21 October 2025, 6:22 PM IST
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New Delhi: भारत में दीपावली 2025 ने अब तक के सबसे बड़े व्यापार कारोबार का रिकॉर्ड तोड़ा है। कॉनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष दीपावली पर कुल बिक्री ₹6.05 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची, जिसमें से ₹5.40 लाख करोड़ रुपये वस्तु व्यापार और ₹65,000 करोड़ रुपये सेवा व्यापार के रूप में शामिल हैं। यह आंकड़ा भारत के व्यापार इतिहास का सबसे बड़ा त्योहारी कारोबार है, जो पिछले वर्ष (₹4.25 लाख करोड़) की तुलना में 25% की वृद्धि दर्शाता है।

'वोकल फॉर लोकल' अभियान का असर

रिपोर्ट में खास तौर पर यह उल्लेख किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'वोकल फॉर लोकल' और 'स्वदेशी दीपावली' का आह्वान देशभर में गहरे असर डालने वाला साबित हुआ। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि 87% उपभोक्ताओं ने भारतीय उत्पादों को विदेशी वस्तुओं के मुकाबले प्राथमिकता दी, जिससे चीनी उत्पादों की मांग में गिरावट दर्ज की गई। इसके परिणामस्वरूप भारतीय निर्मित वस्तुओं की बिक्री में 25% की वृद्धि हुई।

Diwali 2025

दीपावली 2025 में बाजारों की रौनक

भारतीय व्यापारियों और उपभोक्ताओं का उत्साह

दीपावली 2025 में गैर-कॉरपोरेट और पारंपरिक बाजारों का प्रमुख योगदान रहा। इन बाजारों ने कुल व्यापार में 85% योगदान किया, जो भारतीय खुदरा बाजार और छोटे व्यापारियों की वापसी को दर्शाता है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया ने बताया कि इस वर्ष की बिक्री में किराना और एफएमसीजी के उत्पादों की बिक्री 12%, सोने और चाँदी की 10%, और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिकल्स की 8% रही।

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सेवा क्षेत्र में भी अभूतपूर्व वृद्धि

वस्तु व्यापार के अलावा सेवा क्षेत्र में भी अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली। ₹65,000 करोड़ रुपये के सेवा व्यापार में पैकेजिंग, हॉस्पिटैलिटी, टैक्सी सेवाएं, ट्रैवल, इवेंट मैनेजमेंट, टेंट और सजावट जैसे क्षेत्रों में भारी गतिविधि रही। इस वृद्धि ने त्योहारी अर्थव्यवस्था को और भी सशक्त किया और व्यापार की सीमा का विस्तार किया।

जीएसटी राहत से व्यापारी और उपभोक्ता दोनों लाभान्वित

सर्वे में यह भी सामने आया कि 72% व्यापारियों ने माना कि जीएसटी दरों में कटौती के कारण उनके बेहतर बिक्री का मार्ग प्रशस्त हुआ। उपभोक्ताओं ने भी मूल्य स्थिरता की सराहना की, जिससे त्योहारी खर्च में निरंतरता बनी रही। प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि जीएसटी दरों में बदलाव ने उपभोक्ताओं की खरीदारी क्षमता को बढ़ावा दिया, जो त्योहारों के दौरान अहम साबित हुआ।

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उपभोक्ता और व्यापारी भावना की वृद्धि

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेडर कॉन्फिडेंस इंडेक्स (TCI) और कंज्यूमर कॉन्फिडेंस इंडेक्स (CCI) दोनों अपने उच्चतम स्तर पर हैं। टीसीआई 8.6/10 और सीसीआई 8.4/10 के आंकड़े दर्शाते हैं कि व्यापारी और उपभोक्ता दोनों की भावना पिछले दशक के उच्चतम स्तर पर हैं। इस सकारात्मक माहौल को नियंत्रित मुद्रास्फीति, बढ़ती आय, और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में विश्वास ने बढ़ावा दिया है।

रोजगार सृजन और ग्रामीण सशक्तिकरण

गैर-कारपोरेट और गैर-कृषि क्षेत्र में करीब 50 लाख अस्थायी रोजगार का सृजन हुआ है, जिससे देश के 9 करोड़ छोटे व्यापारी और लाखों विनिर्माण इकाइयों को फायदा हुआ है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों ने कुल व्यापार में 28% योगदान दिया है, जो महानगरों से बाहर आर्थिक सशक्तिकरण का प्रमाण है।

सरकार को सिफारिशें

खंडेलवाल ने सरकार को कई महत्वपूर्ण सिफारिशें दी हैं, जिनमें छोटे व्यापारियों और निर्माताओं के लिए जीएसटी प्रक्रियाओं को सरल बनाना, क्रेडिट तक पहुंच को बढ़ाना, और टियर-2 और टियर-3 शहरों में लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग हब विकसित करना शामिल है। इसके अलावा, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और बैंक कमीशन को समाप्त करने का भी सुझाव दिया गया है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 21 October 2025, 6:22 PM IST

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