शनिवार को खुले BSE-NSE, आज हो रही है मॉक ट्रेडिंग; जानिए क्या है इसका मकसद

शनिवार को आमतौर पर बंद रहने वाले BSE और NSE आज खुले हैं, लेकिन यह सामान्य ट्रेडिंग नहीं है। एक्सचेंज ने सिस्टम टेस्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच के लिए मॉक ट्रेडिंग सेशन आयोजित किया है, जिसमें ट्रेडिंग मेंबर्स अपने प्लेटफॉर्म और एप्लिकेशन की परफॉर्मेंस जांचते हैं।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 7 March 2026, 10:12 AM IST

New Delhi: भारतीय शेयर बाजार आमतौर पर शनिवार और रविवार को बंद रहता है, लेकिन इस बार शनिवार 7 मार्च 2026 को BSE और NSE खुले हैं। हालांकि आज की ट्रेडिंग सामान्य ट्रेडिंग नहीं है। दोनों स्टॉक एक्सचेंज पर आज मॉक ट्रेडिंग सेशन आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सिस्टम और तकनीकी ढांचे की जांच करना है। इस दौरान ट्रेडिंग मेंबर्स और ब्रोकरेज फर्म अपने प्लेटफॉर्म और इंफ्रास्ट्रक्चर को टेस्ट कर सकते हैं।

NSE और BSE ने जारी किए सर्कुलर

मॉक ट्रेडिंग को लेकर दोनों एक्सचेंजों ने पहले ही सर्कुलर जारी कर दिया था। NSE ने 6 मार्च को जारी सर्कुलर में कहा कि शनिवार 7 मार्च 2026 को कैपिटल मार्केट सेगमेंट में मॉक ट्रेडिंग सेशन आयोजित किया जाएगा।

वहीं BSE ने 5 मार्च को अपने सर्कुलर में बताया था कि इक्विटी सेगमेंट में यह मॉक ट्रेडिंग सेशन आयोजित किया जाएगा, ताकि ट्रेडिंग सिस्टम की क्षमता और स्थिरता का परीक्षण किया जा सके।

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BSE पर मॉक ट्रेडिंग की टाइमिंग

BSE पर मॉक ट्रेडिंग सेशन की शुरुआत सुबह लॉग-इन प्रक्रिया से होती है।

  • लॉग-इन: 10:15 AM – 10:45 AM
  • मॉर्निंग ब्लॉक डील विंडो: 10:45 AM – 11:00 AM
  • प्री-ओपन सेशन: 11:00 AM – 11:15 AM
  • लगातार ट्रेडिंग (T+1): 11:15 AM – 3:30 PM
  • T+0 ट्रेडिंग: 11:15 AM – 1:30 PM
  • दोपहर ब्लॉक डील विंडो: 1:30 PM – 1:45 PM
  • क्लोजिंग सेशन: 3:30 PM – 3:40 PM

इसके बाद पोस्ट-क्लोजिंग और ट्रेड मॉडिफिकेशन सेशन भी आयोजित किए जाते हैं।

मॉक ट्रेडिंग सेशन (Img- Internet)

NSE पर मॉक ट्रेडिंग का शेड्यूल

NSE पर भी मॉक ट्रेडिंग अलग-अलग सेशन में आयोजित की जा रही है।

  • मॉर्निंग ब्लॉक डील विंडो: 9:45 AM – 10:00 AM
  • प्री-ओपन सेशन: 10:00 AM – 10:08 AM
  • नॉर्मल मार्केट ओपन: 10:15 AM
  • T+0 मार्केट क्लोज: 1:30 PM
  • ट्रेड मॉडिफिकेशन: 1:40 PM तक

इसके अलावा IPO और री-लिस्टेड कंपनियों के लिए स्पेशल प्री-ओपन सेशन भी आयोजित किया जाता है।

क्या होती है मॉक ट्रेडिंग

मॉक ट्रेडिंग एक तरह की सिम्युलेटेड या वर्चुअल ट्रेडिंग होती है। इसमें वास्तविक पैसे का लेन-देन नहीं होता। इसका उद्देश्य केवल ट्रेडिंग सिस्टम और टेक्निकल इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता को जांचना होता है।

इस दौरान ट्रेडिंग मेंबर्स, ब्रोकर्स और थर्ड-पार्टी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म अपने सॉफ्टवेयर और कनेक्टिविटी की जांच करते हैं ताकि भविष्य में असली ट्रेडिंग के दौरान किसी तकनीकी समस्या से बचा जा सके।

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निवेशकों को क्यों दिख सकती हैं अलग कीमतें

मॉक ट्रेडिंग के दौरान निवेशकों को अपने ट्रेडिंग ऐप या मार्केट वॉच में शेयरों की कीमतें अलग दिखाई दे सकती हैं। इसके साथ ही उनकी होल्डिंग्स या पोजीशन वैल्यू भी अस्थायी रूप से बदलती हुई नजर आ सकती है। हालांकि यह केवल मॉक सेशन के दौरान ही होता है। मॉक ट्रेडिंग खत्म होने के बाद सिस्टम में शुक्रवार की असली क्लोजिंग कीमतें फिर से अपडेट कर दी जाती हैं और निवेशकों के डेटा सामान्य स्थिति में वापस आ जाते हैं।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 7 March 2026, 10:12 AM IST