
वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि (Img Source: Google)
New Delhi: भारत सरकार ने दो अहम नियुक्तियों की घोषणा की है, जो देश के सैन्य नेतृत्व में एक बड़े फेरबदल का संकेत है। सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है, जबकि वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को भारतीय नौसेना का नया प्रमुख बनाया गया है।
लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल पूरा होने के बाद, 30 मई 2026 को नए CDS का पदभार संभालेंगे। इसके साथ ही वे सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के कर्तव्यों का भी निर्वहन करेंगे। CDS का पद भारत की तीनों सशस्त्र सेनाओं थल सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से बनाया गया था। CDS राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य रणनीति से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों पर सरकार को सलाह देते हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि एक अत्यंत विशिष्ट अधिकारी हैं, जिनका सैन्य करियर लगभग चार दशकों तक फैला हुआ है। उन्हें कई सैन्य सम्मानों से सम्मानित किया गया है, जिनमें PVSM, AVSM, SM और VSM शामिल हैं। सितंबर 2025 से वे राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले उन्होंने थल सेना के उप-प्रमुख और मध्य कमान के GOC-in-C के रूप में कार्य किया है। उन्होंने भारत की पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर कई महत्वपूर्ण सैन्य जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्होंने थल सेना के उप-प्रमुख के रूप में भी सेवा दी है। इसके अलावा, उन्होंने मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में भी कार्य किया है। सितंबर 2025 से वे राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी रणनीतिक सूझबूझ और व्यापक अनुभव को देखते हुए, सरकार ने उन्हें देश के नए CDS के रूप में चुना है।
इसके अतिरिक्त, भारत सरकार ने वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को नौसेना स्टाफ का नया प्रमुख नियुक्त किया है। वह 31 मई, 2026 को भारतीय नौसेना के नए नौसेना प्रमुख (CNS) का पदभार ग्रहण करेंगे। वर्तमान में, वह मुंबई स्थित पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर तैनात हैं। उनका कार्यकाल 31 दिसंबर, 2028 तक रहेगा। नौसेना में अपने लंबे करियर के दौरान, उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं और समुद्री सुरक्षा से जुड़े अनेक बड़े अभियानों में अहम भूमिका निभाई है।
वाइस एडमिरल कृष्ण स्वामिनाथन की गिनती भारतीय नौसेना के अनुभवी अधिकारियों में होती है। उन्हें 1 जुलाई, 1987 को नौसेना में कमीशन मिला था। वह संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (Electronic Warfare) के विशेषज्ञ हैं। वर्तमान में, वह मुंबई स्थित पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक सैन्य शिक्षा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) से प्राप्त की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने UK के जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, करंजा स्थित कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर और संयुक्त राज्य अमेरिका के US नेवल वॉर कॉलेज में भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उनकी अंतरराष्ट्रीय सैन्य शिक्षा और अनुभव को भारतीय नौसेना के लिए अत्यंत मूल्यवान माना जाता है।
सरकार द्वारा की गई इन नियुक्तियों को भारतीय सशस्त्र बलों के भीतर नेतृत्व परिवर्तन के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसी आशा है कि इस नए सैन्य नेतृत्व के अंतर्गत, भारत अपनी रक्षा तैयारियों, संयुक्त सैन्य रणनीतियों और समुद्री सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल देगा।
Location : New Delhi
Published : 9 May 2026, 7:51 AM IST