यूपी विधानसभा चुनाव लड़ेंगी दिव्या मित्तल? IIT-IIM से पढ़ने वाली IAS के इस्तीफे के बाद सियासी हलचल तेज

आईआईटी, आईआईएम और लंदन की नौकरी छोड़ आईएएस बनने वाली दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया है। मिर्जापुर और देवरिया में जिलाधिकारी के रूप में अमिट छाप छोड़ने वाली दिव्या क्या 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में ताल ठोकेंगी? जानिए पूरी इनसाइड स्टोरी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 30 August 2026, 12:13 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने 13 साल के प्रशासनिक सफर पर अचानक विराम लगा दिया है। आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा प्राप्त करने के बाद, उन्होंने लंदन में मैनेजमेंट कंसल्टेंट के तौर पर अपनी पहचान बनाई थी। उसके बाद उन्होंने आईएएस बनकर सबको चौंका दिया था। एक बार दिव्या मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा देकर फिर सभी को चौंका दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल है कि आईएएस दिव्या मित्तल अब आगे क्या करेंगी?

इस्तीफे के बाद दिव्या मित्तल को लेकर कई तरह के कयास लगाये जा रहे हैं। अभी तक उनके इस्तीफे की सही वजह सामने नहीं आई लेकिन इन सबके बाद भी यह सवाल उठ रहा है कि दो बेटियों की मां दिव्या मित्तल अब आगे क्या करेंगी?

सियासी गलियारों में इस बात की चर्चाएं जोरों पर हैं कि दिव्या मित्तल अब प्रशासनिक सेवाओं के बाद अब अपना राजनीतिक सफर शुरू कर सकती है। आगामी यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में वो चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि, अभी तक ऐसा स्पष्ट नहीं है लेकिन उनके कुछ पुराने बयानों और क्रियाकलापों के कारण इन अटकलों को बल मिल रहा है। आईएएस दिव्या मित्तल के चुनाव लड़ने की अटकलों के साथ ही उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचलें भी तेज हो गई है।

जनता से सीधा जुड़ाव और अलग कार्यशैली

दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर में जिलाधिकारी के रूप में अपनी तैनाती के दौरान हलिया ब्लॉक के लहुरियादह गांव में आजादी के 75 साल बाद पहली बार नल से पीने का पानी पहुंचाया था। इस ऐतिहासिक कार्य ने उन्हें आम जनता के बेहद करीब ला दिया। उनकी कार्यशैली हमेशा सरकारी फाइलों से परे हटकर जमीनी हकीकत बदलने पर केंद्रित रही। प्रशासनिक पदों पर रहते हुए उन्होंने महिलाओं, किसानों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए जो काम किए, उसने उन्हें एक जनप्रिय अधिकारी के रूप में स्थापित किया।

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मिर्जापुर, देवरिया में मजबूत पकड़

पूर्वांचल क्षेत्र, विशेषकर मिर्जापुर और देवरिया में उनकी मजबूत पकड़ और जनता के बीच छवि को देखते हुए यह माना जा रहा है कि वे चुनावी मैदान में उतरकर एक नई शुरुआत कर सकती हैं।

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बदलेंगे पूर्वांचल के राजनीतिक समीकरण?

यदि दिव्या मित्तल 2027 के विधानसभा चुनाव में उतरती हैं, तो पूर्वांचल के कई सीटों पर चुनावी गणित पूरी तरह बदल सकता है। एक उच्च शिक्षित, पारदर्शी और कर्मठ छवि वाली पूर्व आईएएस अधिकारी के मैदान में आने से युवाओं और महिला मतदाताओं का ध्यान उनकी ओर आकर्षित होना तय है। फिलहाल सरकारी सेवा छोड़ चुकीं दिव्या मित्तल का यह फैसला यूपी की भावी राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ सकता है।

Location :  Lucknow

Published :  30 August 2026, 11:59 AM IST