
लोकतंत्र बचाओ मार्च (Img: Dynamite News)
West Champaran: बिहार के बगहा में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ महागठबंधन के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर 'वोट बचाओ-देश बचाओ' मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। पूर्व प्रत्याशी जय सिंह और पूर्व विधायक वीरेंद्र गुप्ता ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों और गरीबों के नाम हटने का आरोप लगाते हुए मांगें न पूरी होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
इंडिया गठबंधन के आह्वान पर बगहा में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ और ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। महागठबंधन नेताओं ने SIR यानी Special Intensive Revision की प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की मांग की। उनका आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
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बगहा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी जयेश मंगल सिंह उर्फ जय सिंह ने प्रदर्शन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर विरोध हो रहा है और इसी क्रम में बगहा में भी महागठबंधन ने प्रदर्शन किया है। जय सिंह ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना था कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि किसी भी मतदाता के अधिकार पर असर न पड़े।
उन्होंने बिहार चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में कथित तौर पर 10-10 हजार रुपये दिए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं और आर्थिक लाभ के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश हुई। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में सामने नहीं आई है।
जय सिंह ने दावा किया कि Form-6 में बदलाव और मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान कई लोगों को पर्याप्त जानकारी या अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं मिला। उन्होंने कुछ युवा मतदाताओं के नाम सूची से हटने की शिकायतों का भी जिक्र किया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव के बाद कुछ लोगों ने शिकायत की कि जीवित होने के बावजूद मतदाता सूची में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।
सिकटा के पूर्व विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि वोट देने का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया में गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को जरूरी दस्तावेज जुटाने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार पर पड़ सकता है।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नरेश राम ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से मतदाता सूची से जुड़े विवादों पर पारदर्शी जवाब देने की मांग की।
राजद नेताओं अर्थराज यादव और आलमगीर रब्बानी ने भी SIR को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। राजद नेता मुन्ना साह ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई।
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प्रदर्शन के दौरान महागठबंधन कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हालांकि, प्रदर्शन में लगाए गए कई आरोप राजनीतिक दलों के दावों पर आधारित हैं। SIR और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों पर चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है। ऐसे में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
Location : West Champaran
Published : 8 October 2026, 8:20 PM IST