दिवाली सीजन में खरीदने जा रहे हैं नया वाहन? पहले जान लें बिहार सरकार का यह बड़ा ऑफर, बचेंगे हजारों रुपये

बिहार के औरंगाबाद जिले में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 'मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना' लागू की गई है। इस योजना के तहत 31 मार्च 2027 तक इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने और निबंधन कराने पर अलग-अलग श्रेणियों में लाखों की सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 27 October 2026, 7:15 PM IST

Aurangabad: पेट्रोल पंप पर बार-बार जेब ढीली करने से छुटकारा पाना चाहते हैं? अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटर, बाइक या कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो बिहार सरकार की एक योजना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। राज्य सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना के तहत आर्थिक सहायता दे रही है। इस योजना में पात्र लोगों को वाहन खरीदने पर हजारों रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिल सकती है।

खास बात यह है कि योजना में महिलाओं और अलग-अलग सामाजिक वर्गों के लिए सहायता राशि निर्धारित की गई है। हालांकि, इसका लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करना होगा।

स्कूटर से लेकर कार तक किसे कितनी मदद मिलेगी?

इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को मिलने वाली आर्थिक सहायता, वाहन की श्रेणी और लाभार्थी के सामाजिक वर्ग पर निर्भर करती है।

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन: सामान्य वर्ग (General Category) के लोगों को 10,000 मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लाभार्थियों को 12,000 मिलेंगे। महिलाओं के लिए भी 12,000 की सहायता राशि तय की गई है।

इलेक्ट्रिक तिपहिया कार्गो वाहन: सामान्य वर्ग के खरीदारों को 50,000 की अनुदान राशि मिलेगी, जबकि SC/ST वर्ग के लाभार्थियों को 60,000 मिलेंगे।

महिलाओं के लिए इलेक्ट्रिक कारें: पात्र महिलाएं जो चार पहियों वाला इलेक्ट्रिक वाहन खरीदती हैं, उन्हें प्रति वाहन 1 लाख की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण तारीखें और नियम

इस योजना का लाभ उठाने के लिए वाहन की खरीद और रजिस्ट्रेशन 15 मई के बाद होना चाहिए। पात्र लाभार्थी 31 मार्च, 2027 तक तय शर्तों के तहत सब्सिडी का दावा कर सकते हैं।

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कृपया ध्यान दें कि यह योजना केवल पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों (PEVs) पर लागू होती है, हाइब्रिड वाहन इस सब्सिडी के लिए पात्र नहीं हैं। वाहन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज और रजिस्ट्रेशन वैध होने चाहिए। इसके अलावा आवेदक ने पहले किसी अन्य योजना खासकर 'बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2023' (Bihar Electric Vehicle Policy-2023) के तहत सब्सिडी का लाभ न लिया हो। SC/ST श्रेणी के व्यक्तियों को जाति प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है।

लाभ पाने के लिए जल्द आवेदन करें

इस योजना के तहत सब्सिडी 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर दी जाएगी। आवेदन मिलने के बाद,मोटर वाहन निरीक्षक (Motor Vehicle Inspector) वाहन और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच करेंगे। इसके बाद जिला परिवहन अधिकारी (District Transport Officer) सत्यापित आवेदन को मंजूरी देंगे। इसलिए आवेदन में सही जानकारी देना बहुत महत्वपूर्ण है।

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औरंगाबाद में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या

जिला परिवहन कार्यालय के अनुसार, औरंगाबाद में 8,612 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें कार, मोटरसाइकिल और टेम्पो जैसे विभिन्न प्रकार के वाहन शामिल हैं। जिले में लगातार नए इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हो रहा है। इसके अलावा NH-139 पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। सरकार को उम्मीद है कि इस आर्थिक सहायता से लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे, जिससे प्रदूषण कम करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिल सकती है।

Location :  Aurangabad

Published :  27 October 2026, 7:12 PM IST