बच्चों ने मांगा नमक, थाली में डाला डिटर्जेंट पाउडर! नालंदा के स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद दर्जनों बच्चे बीमार

बिहार के नालंदा में स्कूल के मिड-डे मील से जुड़ी एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने बच्चों की सुरक्षा और खाने की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नमक कम होने की शिकायत के बाद कथित तौर पर ऐसा पदार्थ सब्जी में पहुंच गया, जिसके बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 19 August 2026, 4:35 PM IST

Nalanda: बिहार के नालंदा जिले से मिड-डे मील को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नूरसराय प्रखंड के परासी मिडिल स्कूल में खाना खाने के बाद दर्जनों बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों ने पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल ले जाया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना में 24 से ज्यादा बच्चे बीमार हुए, जबकि स्थानीय स्तर पर संख्या 34 से लेकर करीब 40 तक बताई गई है। इसलिए अंतिम संख्या प्रशासनिक जांच के बाद ही साफ हो सकेगी।

सब्जी में नमक कम था, फिर हुई बड़ी गलती

बताया जा रहा है कि स्कूल में बच्चों को चावल और सोयाबीन-आलू की सब्जी परोसी गई थी। खाना खाने के दौरान कुछ बच्चों ने सब्जी में नमक कम होने की शिकायत की। इसके बाद नमक मंगाया गया। आरोप है कि इसी दौरान नमक की जगह गलती से डिटर्जेंट पाउडर यानी सर्फ सब्जी में डाल दिया गया। खाना खाने के कुछ समय बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।

हालांकि, यह बात अभी जांच का विषय है कि वास्तव में भोजन में कौन-सा पदार्थ मिला था। इसलिए इसे अंतिम रूप से डिटर्जेंट मिलाने की पुष्टि मानना जल्दबाजी होगी। स्थानीय रिपोर्टों में भी प्रशासनिक जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही गई है।

ये भी पढ़ें- स्वीट शॉप सीलिंग पर बॉम्बे हाई कोर्ट का चाबुक: महाराष्ट्र FDA पर 5 लाख का जुर्माना, तुकाराम मुंडे बोले- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

अस्पताल पहुंचते ही मची अफरा-तफरी

बच्चों के बीमार होने की जानकारी मिलते ही स्कूल में हड़कंप मच गया। परिजन अपने बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचे। बच्चों में उल्टी और पेट दर्द जैसी शिकायतें सामने आईं। अस्पताल में बच्चों के साथ उनके माता-पिता और अधिकारियों की भीड़ जुट गई। डॉक्टरों की निगरानी में बच्चों का इलाज किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, बच्चों की हालत फिलहाल नियंत्रण में बताई गई और उन्हें खतरे से बाहर बताया गया है।

खाना कहां से आता है?

इस मामले का एक अहम पहलू यह भी है कि स्कूल में खाना सीधे वहीं तैयार नहीं किया जाता था। रिपोर्ट के मुताबिक, रामघाट स्थित एकता फाउंडेशन की रसोई से करीब 220 स्कूलों में मिड-डे मील भेजा जाता है। फाउंडेशन के मैनेजर ने दावा किया कि खाना तैयार करने और स्कूल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उनकी संस्था की है, जबकि बच्चों को खाना परोसने की जिम्मेदारी स्कूल स्तर पर होती है। उनका कहना है कि अगर नमक की जगह कोई दूसरा पदार्थ इस्तेमाल हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी स्कूल में हुई लापरवाही की जांच से तय होनी चाहिए।

ये भी पढ़ें- चांद रुपयों के लिए तार-तार हुआ भाईचारा, हाथरस के हाईवे पर सरेआम गुंडागर्दी का वीडियो देख कांप उठे लोग

मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

घटना की जानकारी मिलने के बाद बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हाल जाना। उन्होंने अधिकारियों को बच्चों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नालंदा प्रशासन की वेबसाइट पर जिले में मिड-डे मील योजना और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी उपलब्ध है।

Location :  Nalanda

Published :  19 August 2026, 3:51 PM IST