बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों की अब खैर नहीं, बेउर जेल में बंद BAS अधिकारी मुमुक्षु चौधरी को किया सस्पेंड; जानें क्या हैं आरोप

बिहार में टेंडर घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई! सम्राट सरकार ने बेउर जेल में बंद बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के अधिकारी मुमुक्षु कुमार चौधरी को निलंबित कर दिया है। घूसखोरी और आय से अधिक संपत्ति मामले में SVU की जांच जारी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 July 2026, 3:11 PM IST

Patna: बिहार में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के खिलाफ सम्राट चौधरी सरकार ने एक बार फिर कड़ा रुख अख्तियार किया है। राज्य सरकार ने चर्चित टेंडर घोटाले से जुड़े मामले में न्यायिक हिरासत में चल रहे बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के वरिष्ठ अधिकारी मुमुक्षु कुमार चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर के अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

रिश्वतखोरी और आय से अधिक संपत्ति के गंभीर आरोप

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मुमुक्षु कुमार चौधरी के खिलाफ रिश्वतखोरी, आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने, पद का दुरुपयोग करने और वित्तीय अनियमितताओं जैसे बेहद गंभीर आरोप हैं।

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इन भ्रष्टाचार के मामलों को देखते हुए और वर्तमान में उनकी न्यायिक हिरासत की स्थिति को आधार बनाकर सेवा नियमों के तहत यह कड़ी निलंबन की कार्रवाई की गई है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अधिकारी का यह निलंबन उनकी कारावास की तिथि से ही प्रभावी माना जाएगा और अगली अधिसूचना जारी होने तक पूरी तरह से लागू रहेगा।

विशेष अदालत के आदेश पर बेउर जेल में हैं बंद

मुमुक्षु कुमार चौधरी वर्तमान में राजधानी पटना के बेउर केंद्रीय कारागार में बंद हैं। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष अदालत में सुनवाई हुई थी, जिसके बाद अदालत ने गत 11 जून को मुमुक्षु कुमार चौधरी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश जारी किया था।

जेल जाने के बाद से ही सामान्य प्रशासन विभाग बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के प्रावधानों के तहत विभागीय कार्रवाई की तैयारी में जुट गया था, जिसकी प्रक्रिया अब निलंबन के रूप में पूरी कर ली गई है।

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विशेष निगरानी इकाई (SVU) खंगाल रही है दस्तावेज

जांच एजेंसियों की बात करें तो इस टेंडर घोटाले की परतें खोलने में विशेष निगरानी इकाई (SVU) मुस्तैदी से जुटी हुई है। एसवीयू ने अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत नियमित मामला दर्ज किया था। वर्तमान में जांच एजेंसियां अधिकारी के विभिन्न बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड और सरकारी टेंडरों से जुड़े संदिग्ध दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही हैं।

सरकारी आदेश में कहा गया है कि यह निलंबन केवल उनकी विभागीय सेवा से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया है, जबकि भ्रष्टाचार के मुख्य मामले की न्यायिक जांच और अदालती प्रक्रिया अपने स्वतंत्र स्तर पर निरंतर जारी रहेगी।

Location :  Patna

Published :  4 July 2026, 3:11 PM IST