बिहार में शिक्षकों के पहनावे पर सख्ती! स्कूलों में जींस-टीशर्ट पर लगी रोक, फॉर्मल ड्रेस अनिवार्य

बिहार के सभी विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए औपचारिक परिधान अनिवार्य कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने जींस और टी-शर्ट पहनकर स्कूल आने पर रोक लगाई है। अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर नियमों का सख्ती से पालन कराने को कहा है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 30 October 2026, 10:49 PM IST

Bihar: बिहार के सभी विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में अब शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी जींस-टीशर्ट पहनकर नहीं आ सकेंगे। राज्य के शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों के लिए औपचारिक परिधान अनिवार्य कर दिया है। शिक्षण और कार्यालय अवधि के दौरान सभी संबंधित कर्मचारियों को औपचारिक कपड़े पहनकर ही विद्यालय आना होगा।

विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में शालीन व्यवहार, अनुशासन और गरिमापूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है।

अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने सभी DEO को भेजा पत्र

अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने शुक्रवार को राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को पत्र जारी किया। इसमें कहा गया है कि शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के पहनावे को लेकर पहले भी निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कई विद्यालयों में इन आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है।

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पत्र के अनुसार, कुछ शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी अब भी जींस और टी-शर्ट जैसे अनौपचारिक कपड़े पहनकर विद्यालय पहुंच रहे हैं। शिक्षा विभाग ने इस स्थिति पर आपत्ति जताई है और स्पष्ट किया है कि शिक्षण एवं कार्यालय अवधि में औपचारिक परिधान का नियम सभी संबंधित कर्मियों पर लागू होगा।

इसके साथ ही विद्यालय परिसर में अनुशासनहीन गतिविधियों को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों को ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने और विद्यालयों में निर्धारित नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

स्कूलों में DJ और डिस्को कार्यक्रमों पर भी रोक

शिक्षा विभाग को कुछ विद्यालयों में डीजे, डिस्को और अन्य अमर्यादित गतिविधियां आयोजित किए जाने की सूचनाएं मिली हैं। अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की गतिविधियां विद्यालय के शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करती हैं। इसलिए इन्हें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

हालांकि, शिक्षा विभाग ने नृत्य और संगीत से जुड़े सभी कार्यक्रमों पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई है। शिक्षा कैलेंडर में निर्धारित विशेष अवसरों पर ही ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इन कार्यक्रमों का स्वरूप अनुशासित और शालीन होना अनिवार्य होगा।

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निर्देश के मुताबिक, निर्धारित विशेष अवसरों के अलावा विद्यालय परिसर में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी। सभी संबंधित अधिकारियों को अपने स्तर से आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।

शिक्षा विभाग ने विद्यालयों में अनुशासन, शालीनता और गरिमापूर्ण वातावरण बनाए रखने की जिम्मेदारी सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की तय की है।

Location :  Bihar

Published :  30 October 2026, 10:49 PM IST