बिहार में सनसनीखेज वारदात: पहले अपने सगे भाई को मारा…फिर जेल जाकर की खुदकुशी; जानें सुरक्षा में कहां हुई चूक

मुंगेर मंडल कारा में बंद हत्या के आरोपी मनीष कुमार ने जेल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। भाई की हत्या के आरोप में बंद मनीष की मौत के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा में चूक की जांच शुरू कर दी गई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 July 2026, 12:57 PM IST

Munger: बिहार के मुंगेर जिले से बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मुंगेर मंडल कारा (जेल) में बंद हत्या के एक आरोपी बंदी ने शुक्रवार की सुबह जेल की छत से छलांग लगा दी। बंदी गंभीर रूप से घायल हो गया था। आनन-फानन में जेल कर्मियों ने उसे जेल के ही अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया।

हालांकि, उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से ही पूरे जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है।

सगे भाई की हत्या के आरोप में बंद था मनीष

मृतक बंदी की पहचान हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र के मधुबन दरियापुर गांव निवासी कपिलदेव बिंद के पुत्र मनीष कुमार के रूप में की गई है। मनीष की क्राइम हिस्ट्री बेहद खौफनाक रही है। इसी साल 18 मई को मनीष ने अपने सगे भाई नीतीश कुमार की सोते समय हथौड़े से वार कर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस जघन्य अपराध के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, जिसके बाद अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में मुंगेर मंडल कारा भेजा गया था। तब से वह इसी जेल में सजा काट रहा था।

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सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिबंधों पर खड़े हुए सवाल

इस खौफनाक कदम ने जेल के भीतर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। जेल के कड़े नियमों के मुताबिक, किसी भी कैदी या बंदी का जेल की बैरक की छत पर जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित और गैरकानूनी होता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कड़े पहरे और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बावजूद मनीष छत तक पहुंचने में कैसे कामयाब रहा? उसने बिना किसी रोक-टोक के छत से छलांग लगा दी, जिसने कारागार की मुस्तैदी पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद काफी देर तक जेल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

जेल अधीक्षक ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए हैं। जेल अधीक्षक किरण देवी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शुक्रवार की सुबह बंदी अचानक सुरक्षा घेरे को चकमा देकर छत पर चला गया और वहां से नीचे कूद गया। उन्होंने कहा कि उसे बचाने के लिए तुरंत सदर अस्पताल भेजा गया था, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। जेल अधीक्षक के अनुसार, सुरक्षा में कहां चूक हुई और बंदी छत तक कैसे पहुंचा, इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

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मानसिक स्थिति ठीक न होने की आशंका

जेल सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, जेल में आने के बाद से ही मनीष की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी। वह अक्सर गुमसुम और तनाव में देखा जाता था। आशंका जताई जा रही है कि इसी मानसिक अशांति और अवसाद के चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया। घटना की आधिकारिक सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि परिजनों के जेल पहुंचने और कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कार्रवाई होगी।

Location :  Munger

Published :  3 July 2026, 12:57 PM IST