बगहा अस्पताल में मंत्री का छापा: गायब डॉक्टर, नदारद प्रबंधन और गंदगी देख भड़के, बोले- CM को भेजूंगा…

बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में मंत्री के औचक निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए। डॉक्टरों की गैरमौजूदगी, गंदगी और बंद पड़े शिशु अस्पताल को देखकर मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 August 2026, 4:31 PM IST

Bagaha: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा स्थित अनुमंडलीय अस्पताल में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब राज्य सरकार के मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। उत्तर प्रदेश और नेपाल सीमा से सटे इस अस्पताल में मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत देखी तो कई गंभीर खामियां सामने आ गईं। डॉक्टरों की अनुपस्थिति से लेकर गंदगी और बदहाल व्यवस्था तक ने मंत्री को नाराज कर दिया।

निरीक्षण के बाद उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी अस्पतालों में ऐसी लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी।

मरीजों के बिस्तरों पर नहीं मिली चादर

मंत्री ने अस्पताल के वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी कक्ष और अन्य विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई डॉक्टर अपने ड्यूटी स्थल से गायब मिले। अस्पताल के कई वार्डों में गंदगी फैली हुई थी, जबकि मरीजों के बिस्तरों पर चादरें तक नहीं थीं। साफ-सफाई की खराब व्यवस्था देखकर मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई।

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उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को ऐसी बदहाल व्यवस्था मिलना बेहद चिंताजनक है।

अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी भी नहीं मिले

निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अस्पताल उपाधीक्षक और अस्पताल प्रबंधक दोनों ही मौके पर मौजूद नहीं थे। मंत्री ने इसे प्रशासनिक जिम्मेदारी की गंभीर अनदेखी बताया। उन्होंने कहा कि जब अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी ही अपने कार्यस्थल पर नहीं रहेंगे, तो मरीजों को बेहतर इलाज और सुविधाएं कैसे मिलेंगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

निरीक्षण के दौरान दवाईयों की जानकारी लेते मंत्री (Img: Dynamite News)

बंद पड़ा मिला शिशु अस्पताल

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल परिसर में बने शिशु अस्पताल का भी जायजा लिया। उन्होंने देखा कि भवन और कई जरूरी संसाधन मौजूद होने के बावजूद अस्पताल का संचालन शुरू नहीं किया गया है। इस पर उन्होंने अधिकारियों से जवाब मांगा और निर्देश दिया कि शिशु अस्पताल को जल्द से जल्द शुरू किया जाए, ताकि क्षेत्र के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

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डीएम से नहीं हो सकी बात

निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री नंद किशोर राम ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही सरकार की कोशिशों पर पानी फेर रही है। उन्होंने बताया कि जिला पदाधिकारी अवकाश पर होने के कारण उनकी बातचीत उप विकास आयुक्त (डीडीसी) से हुई। डीडीसी को पूरे मामले की जानकारी देते हुए जांच कराने और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी पूरी रिपोर्ट

मंत्री ने यह भी कहा कि अस्पताल प्रबंधक का बेतिया में रहकर काम करना व्यवस्था की बड़ी खामी को दिखाता है। उनका कहना था कि अस्पताल का प्रबंधन वहीं से नहीं, बल्कि अस्पताल में मौजूद रहकर होना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि निरीक्षण में मिली सभी कमियों का विस्तृत विवरण मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। साथ ही दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा भी की जाएगी।

Location :  Bagaha

Published :  3 August 2026, 4:31 PM IST