बिहार के मोकामा विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। करीब साढ़े चार महीने जेल में रहने के बाद उन्हें राहत मिली। इस फैसले से राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।

अनंत सिंह को मिली जमानत (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Patna: बिहार की राजनीति के चर्चित चेहरों में शामिल अनंत सिंह को बड़ी राहत मिली है। पटना हाईकोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में उन्हें नियमित जमानत दे दी है। करीब साढ़े चार महीने से जेल में बंद अनंत सिंह के लिए अब रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
यह मामला 30 अक्टूबर 2025 का है, जब मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के बसावनचक गांव में दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। दुलारचंद यादव पहले आरजेडी से जुड़े रहे थे और उस समय जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी के समर्थन में चुनाव प्रचार कर रहे थे। इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी के रूप में अनंत सिंह का नाम सामने आया था।
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 1 नवंबर की रात अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद 2 नवंबर को उन्हें कोर्ट में पेश कर पटना की बेऊर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद अनंत सिंह ने कई बार जमानत के लिए निचली अदालतों का रुख किया, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल सकी। हालांकि, अब पटना हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर है और जल्द ही उनकी रिहाई संभव है।
दिलचस्प बात यह है कि अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए ही मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। हाल ही में 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव के दौरान वे विधानसभा पहुंचे थे, जहां उन्होंने संकेत दिया था कि उन्हें जल्द ही जमानत मिल सकती है। अब हाईकोर्ट के फैसले ने उनके इस दावे को सही साबित कर दिया है।
जमानत मिलने के बीच अनंत सिंह ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अब वे आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे। मोकामा विधानसभा सीट से अगला चुनाव उनके बड़े बेटे लड़ेंगे।