
नई कार पर पत्नी के पैरों के निशान बनवाने का वीडियो वायरल (Img: X)
New Delhi: एक पति ने नई कार खरीदने की खुशी में अपनी पत्नी के आलता लगे पैरों के निशान कार पर बनवाए। किसी को यह अंदाज पति-पत्नी के बीच प्यार जताने का खूबसूरत तरीका लगा, तो किसी ने सवाल उठाया कि आखिर कार की ईएमआई कौन भरता है। देखते ही देखते एक निजी खुशी का वीडियो सोशल मीडिया पर प्यार, आर्थिक जिम्मेदारी और महिलाओं के योगदान को लेकर बहस का विषय बन गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक वीडियो चर्चा में आया, जिसमें एक पति अपनी पत्नी को गोद में उठाकर नई कार के बोनट तक ले जाता दिखाई देता है। इसके बाद पत्नी के पैरों पर लगे लाल रंग यानी आलता से कार पर पैरों के निशान बनवाए जाते हैं।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स ने पति के इस अंदाज को पत्नी के प्रति प्यार और सम्मान जताने का तरीका बताया। वहीं, कुछ लोगों ने इस पर सवाल उठाते हुए चर्चा को एक अलग ही दिशा दे दी।
भारत में कई जगहों पर शादी और दूसरे शुभ अवसरों पर महिलाओं के पैरों में आलता लगाने की परंपरा है। खासकर नई दुल्हन के घर में प्रवेश के समय उसके लाल पैरों के निशान बनवाए जाते हैं। इसे घर में सुख-समृद्धि, खुशहाली और शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
लाल पैरों के निशान को मां लक्ष्मी के आगमन से भी जोड़ा जाता है। ऐसे में नई कार पर पत्नी के पैरों के निशान बनवाने को कुछ लोगों ने इसी परंपरा से जोड़कर देखा। उनके मुताबिक, पति ने अपनी नई शुरुआत की खुशी पत्नी के साथ साझा करने का एक खास तरीका अपनाया।
क्या है नई कार पर पैरों के निशान बनाने की परंपरा? (AI Generated)
वीडियो पर प्रतिक्रियाओं के बीच एक सवाल ने लोगों का ध्यान खींचा। कुछ यूजर्स ने पूछा कि क्या पत्नी कार की ईएमआई भी भरती है? इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई कि किसी रिश्ते में प्यार और सम्मान का आधार आखिर क्या होना चाहिए।
कुछ लोगों ने आर्थिक योगदान को अहम बताते हुए अपनी राय रखी, जबकि दूसरे यूजर्स ने सवाल किया कि क्या किसी महिला को अपने पति से सम्मान पाने के लिए कार खरीदने या उसकी किस्त चुकाने में पैसा लगाना जरूरी है?
इस सवाल ने पति-पत्नी के रिश्ते में आर्थिक जिम्मेदारियों और व्यक्तिगत सम्मान को लेकर नई चर्चा छेड़ दी।
कई लोगों का मानना है कि पति-पत्नी के रिश्ते में प्यार और सम्मान को केवल पैसों से नहीं मापा जा सकता। हर परिवार में जिम्मेदारियां अलग-अलग तरीके से बांटी जाती हैं। जहां एक व्यक्ति आर्थिक जिम्मेदारी संभालता है, वहीं दूसरा घर, परिवार और रोजमर्रा की जरूरतों का ध्यान रख सकता है।
घर संभालना, बच्चों की देखभाल करना और मुश्किल समय में भावनात्मक सहारा देना भी किसी रिश्ते में महत्वपूर्ण योगदान हैं। इसलिए किसी व्यक्ति की भूमिका को केवल उसकी कमाई या बैंक खाते में मौजूद रकम से आंकना सही नहीं माना जा सकता।
हालांकि, परिवार में आर्थिक फैसलों और खर्चों को लेकर आपसी सहमति भी जरूरी है। लेकिन किसी पत्नी के सम्मान को उसकी ओर से चुकाई जाने वाली ईएमआई से जोड़ देना अपने आप में बहस का विषय है।
वीडियो के समर्थन में लोगों ने कहा कि पति-पत्नी के बीच प्यार जताने के तरीके निजी होते हैं। किसी को अपनी खुशी मनाने के लिए किस तरह का तरीका अपनाना है, यह उसका व्यक्तिगत फैसला है।
वहीं, कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर किसी का वीडियो देखकर उसके रिश्ते या आर्थिक स्थिति के बारे में राय बनाना कितना उचित है।
फिलहाल, इस वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या रिश्तों में सम्मान और प्यार का पैमाना पैसा होना चाहिए, या फिर भावनाएं और एक-दूसरे के प्रति समझ भी उतनी ही मायने रखती हैं?
Location : New Delhi
Published : 27 October 2026, 8:13 AM IST