देवरिया के मदनपुर नगर पंचायत की अंबेडकर नगर दलित बस्ती विकास से कोसों दूर है। शुद्ध पेयजल, शौचालय और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। टूटी सड़कें, गंदगी और बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं लोगों की जिंदगी को मुश्किल बना रही हैं। प्रशासन की उदासीनता से नाराज़ बस्तीवासी मुख्यमंत्री तक अपनी फरियाद ले जाने की चेतावनी दे रहे हैं।

Deoria: देवरिया जनपद का मदनपुर नगर पंचायत, जहां 50,000 से अधिक लोग निवास करते हैं, वह विकास के मामले में सदियों पीछे हैं। खासकर वार्ड नंबर 1, अंबेडकर नगर की दलित बस्ती, जहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव लोगों की जिंदगी को नरक बना रहा है। हर घर जल योजना के तहत शुद्ध पेयजल का वादा अधूरा है, लोग पानी के लिए लंबी दूरी तय करते हैं। शौचालयों की कमी के कारण महिलाएं अपमान और असुविधा झेल रही हैं। आवास योजना केवल कागजी खेल बनकर रह गई है और लोग झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं, जहां बरसात में छतें टपकती हैं। बुजुर्ग पेंशन के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल रही।
स्वास्थ्य सुविधाएं भी बदहाल हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिलता। टूटी सड़कों, गंदगी और खुले ट्रांसफार्मरों से खतरा बढ़ रहा है। नालियों की कमी के कारण बरसात का पानी सड़कों पर जमा होता है, जिससे बीमारियां फैल रही हैं। गुस्साए निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे मुख्यमंत्री दरबार तक जाएंगे।
Deoria: देवरिया जनपद का मदनपुर नगर पंचायत, जहां 50,000 से अधिक लोग निवास करते हैं, वह विकास के मामले में सदियों पीछे हैं। खासकर वार्ड नंबर 1, अंबेडकर नगर की दलित बस्ती, जहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव लोगों की जिंदगी को नरक बना रहा है। हर घर जल योजना के तहत शुद्ध पेयजल का वादा अधूरा है, लोग पानी के लिए लंबी दूरी तय करते हैं। शौचालयों की कमी के कारण महिलाएं अपमान और असुविधा झेल रही हैं। आवास योजना केवल कागजी खेल बनकर रह गई है और लोग झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं, जहां बरसात में छतें टपकती हैं। बुजुर्ग पेंशन के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल रही।
स्वास्थ्य सुविधाएं भी बदहाल हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिलता। टूटी सड़कों, गंदगी और खुले ट्रांसफार्मरों से खतरा बढ़ रहा है। नालियों की कमी के कारण बरसात का पानी सड़कों पर जमा होता है, जिससे बीमारियां फैल रही हैं। गुस्साए निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे मुख्यमंत्री दरबार तक जाएंगे।