
Gorakhpur: गोरखपुर के दीवानी न्यायालय परिसर में एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां कठोर कानूनी दीवारों के बीच प्रकृति और ममत्व की मधुर कहानी रची गई। जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार झा की अगुवाई में “माँ के नाम पौधरोपण” कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें न्यायाधीशों ने अपनी माताओं के सम्मान में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अनूठे आयोजन में अपर जनपद न्यायाधीश राकेशपति त्रिपाठी, उमेश चंद्र पाण्डेय, प्रवीण कुमार सिंह, सिद्धार्थ सिंह, पंकज श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य शामिल हुए। प्रत्येक न्यायाधीश ने अपनी मां के नाम पर बेल, शीशम और सहजन जैसे उपयोगी पौधे लगाए।
जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार झा ने कहा, “मां की ममता और पेड़ों की छांव में गहरा नाता है। जैसे मां हमें जीवन देती है, वैसे ही पेड़ ऑक्सीजन और शीतलता देकर जीवन को समृद्ध करते हैं। पौधरोपण केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर होता है।”
Gorakhpur: गोरखपुर के दीवानी न्यायालय परिसर में एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां कठोर कानूनी दीवारों के बीच प्रकृति और ममत्व की मधुर कहानी रची गई। जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार झा की अगुवाई में “माँ के नाम पौधरोपण” कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें न्यायाधीशों ने अपनी माताओं के सम्मान में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अनूठे आयोजन में अपर जनपद न्यायाधीश राकेशपति त्रिपाठी, उमेश चंद्र पाण्डेय, प्रवीण कुमार सिंह, सिद्धार्थ सिंह, पंकज श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य शामिल हुए। प्रत्येक न्यायाधीश ने अपनी मां के नाम पर बेल, शीशम और सहजन जैसे उपयोगी पौधे लगाए।
जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार झा ने कहा, “मां की ममता और पेड़ों की छांव में गहरा नाता है। जैसे मां हमें जीवन देती है, वैसे ही पेड़ ऑक्सीजन और शीतलता देकर जीवन को समृद्ध करते हैं। पौधरोपण केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर होता है।”
Location : Gorakhpur
Published : 23 July 2025, 4:03 PM IST