UP Assembly Election 2027: अखिलेश यादव ने राहुल गांधी की चाय पार्टी से बनाई दूरियां? यूपी से दिल्ली तक सियासी चर्चाएं तेज

2027 चुनाव से पहले सपा-कांग्रेस में सीटों को लेकर कैसे बनेगी सहमति? अखिलेश यादव की रणनीति पर सबकी नजर।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 14 October 2026, 6:29 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। INDIA गठबंधन में शामिल दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे और नेतृत्व की भूमिका को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। कांग्रेस की बैठकों से अखिलेश यादव की दूरी को भी इसी सियासी समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।

'जना देश उत्तर प्रदेश' में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। इस चर्चा में डाइनामाइट न्यूज़ के एग्जीक्यूटिव एडिटर सुभाष रतूड़ी, राजनीतिक विशेषज्ञ प्रतिभा यादव और यूपी चुनावों को कवर करने वाले लखनऊ से रोहित पांडे, कन्नौज से सीपी सिंह और रायबरेली से रविन्द्र सिंह शामिल हुए।

राहुल गांधी की बैठक से दूरी क्यों?

दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक में अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, उनकी अनुपस्थिति के पीछे की वजह को लेकर कोई एक आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

सीट बंटवारे पर नजर

उत्तर प्रदेश में सपा अपनी प्रमुख भूमिका बनाए रखना चाहती है, जबकि कांग्रेस भी राज्य में अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में सीटों की संख्या और उम्मीदवारों के चयन पर दोनों दलों के बीच सहमति महत्वपूर्ण होगी।

PDA रणनीति से सपा को उम्मीद

अखिलेश यादव की PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक राजनीति सपा की रणनीति का अहम हिस्सा है। पार्टी इस सामाजिक समीकरण को मजबूत करने पर जोर दे सकती है।

क्या गठबंधन में आएगा नया मोड़?

फिलहाल सपा-कांग्रेस गठबंधन टूटने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अब सबकी नजर दोनों दलों की बातचीत और सीट बंटवारे पर है।

Location :  Lucknow

Published :  14 October 2026, 6:29 PM IST

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