
New Delhi: उज्जैन के सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच सड़क चौड़ीकरण को लेकर उज्जैन में एक अनोखा मामला सामने आया है। करीब 170 साल पुराने मंदिर का ढांचा हटाए जाने के बाद भी अंदर स्थापित हनुमान प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हट सकी। अब प्रतिमा की स्थिति और जमीन के नीचे की संरचना समझने के लिए IIT इंदौर की तकनीकी मदद ली जा रही है।
सड़क चौड़ीकरण के काम के दौरान पुराना खड़े हनुमान मंदिर रास्ते में आया। प्रशासन की ओर से मंदिर का ढांचा हटाया गया, लेकिन प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह ले जाने के प्रयास सफल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि मशीन और क्रेन की मदद से भी प्रतिमा को हटाने की कोशिश की गई, लेकिन वह अपनी जगह से नहीं हिली। इसके बाद मामले को लेकर लोगों में चर्चा शुरू हो गई।
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प्रतिमा के नहीं हटने को कुछ लोग आस्था और चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं तकनीकी नजरिए से यह जानना जरूरी है कि प्रतिमा जमीन में कितनी गहराई तक जुड़ी है और उसके नीचे की संरचना कैसी है। इसी को समझने के लिए IIT इंदौर की टीम की मदद ली जा रही है। विशेषज्ञों ने विशेष उपकरणों के जरिए प्रतिमा और आसपास की जमीन की स्थिति का अध्ययन किया है।
यह मामला सिर्फ एक मंदिर या प्रतिमा को हटाने का नहीं, बल्कि विकास और आस्था के बीच संतुलन का सवाल भी खड़ा करता है। सड़क चौड़ीकरण शहर के विकास और यातायात के लिए जरूरी है, लेकिन पुराने धार्मिक स्थलों से लोगों की भावनाएं भी जुड़ी होती हैं। अब तकनीकी जांच के बाद ही आगे का रास्ता तय होने की उम्मीद है। फिलहाल हनुमान प्रतिमा अपनी जगह पर ही है और सभी की नजर IIT इंदौर की रिपोर्ट पर टिकी है।
New Delhi: उज्जैन के सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच सड़क चौड़ीकरण को लेकर उज्जैन में एक अनोखा मामला सामने आया है। करीब 170 साल पुराने मंदिर का ढांचा हटाए जाने के बाद भी अंदर स्थापित हनुमान प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हट सकी। अब प्रतिमा की स्थिति और जमीन के नीचे की संरचना समझने के लिए IIT इंदौर की तकनीकी मदद ली जा रही है।
सड़क चौड़ीकरण के काम के दौरान पुराना खड़े हनुमान मंदिर रास्ते में आया। प्रशासन की ओर से मंदिर का ढांचा हटाया गया, लेकिन प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह ले जाने के प्रयास सफल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि मशीन और क्रेन की मदद से भी प्रतिमा को हटाने की कोशिश की गई, लेकिन वह अपनी जगह से नहीं हिली। इसके बाद मामले को लेकर लोगों में चर्चा शुरू हो गई।
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यह मामला सिर्फ एक मंदिर या प्रतिमा को हटाने का नहीं, बल्कि विकास और आस्था के बीच संतुलन का सवाल भी खड़ा करता है। सड़क चौड़ीकरण शहर के विकास और यातायात के लिए जरूरी है, लेकिन पुराने धार्मिक स्थलों से लोगों की भावनाएं भी जुड़ी होती हैं। अब तकनीकी जांच के बाद ही आगे का रास्ता तय होने की उम्मीद है। फिलहाल हनुमान प्रतिमा अपनी जगह पर ही है और सभी की नजर IIT इंदौर की रिपोर्ट पर टिकी है।
Location : New Delhi
Published : 10 September 2026, 8:54 PM IST