
नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हुए कथित जानलेवा हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) करेगी। अधिकारियों के मुताबिक, 30 सितंबर को हुई इस घटना के संबंध में केंद्र सरकार के निर्देश पर NIA ने मामला दर्ज किया है। जांच में विमान को हाईजैक करने या दुर्घटनाग्रस्त कराने की कथित कोशिश से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
इस मामले में आरोपी को-पायलट के कथित आतंकी संबंधों और किसी बड़ी साजिश की आशंका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, FIR में हमले के सटीक मकसद या किसी अन्य साजिशकर्ता की भूमिका का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार, NIA ने केंद्र सरकार के निर्देश पर एंटी-हाइजैकिंग एक्ट, 2016 की धारा 3 और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
बताया गया है कि सरकार ने NIA एक्ट, 2008 की धारा 6 के प्रावधानों के तहत एजेंसी को जांच शुरू करने का निर्देश दिया। चूंकि मामले में यात्री विमान को हाईजैक करने या क्रैश कराने की कथित कोशिश का पहलू सामने आया है, इसलिए इसकी जांच देश की प्रमुख आतंकवाद-रोधी एजेंसी को सौंपी गई है।
FIR के अनुसार, ओमान के को-पायलट ने कथित तौर पर विमान को हाईजैक करने या दुर्घटनाग्रस्त कराने की नीयत से कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला किया था। घटना के दौरान कैप्टन के घायल होने के बावजूद विमान के पायलटों और क्रू सदस्यों ने स्थिति को संभाला।
इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। अधिकारियों के मुताबिक, लैंडिंग के बाद सऊदी अधिकारियों ने आरोपी को-पायलट को गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से हमले के कथित उद्देश्य, आरोपी की पृष्ठभूमि और संभावित साजिश के संबंध में अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं। इन पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
NIA की जांच में घटना के पूरे घटनाक्रम, हमले के संभावित मकसद और कथित हाईजैकिंग या विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है। एजेंसी यह भी जांच सकती है कि आरोपी ने किसी अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर काम किया था या घटना के पीछे कोई व्यापक साजिश थी।
फिलहाल, किसी अन्य साजिशकर्ता या आतंकी नेटवर्क की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। जांच का उद्देश्य उपलब्ध साक्ष्यों और वित्तीय, डिजिटल या अन्य प्रासंगिक रिकॉर्ड के आधार पर मामले की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाना होगा।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने पिछले बुधवार को बताया था कि कैप्टन स्मित मच्छर अबू धाबी के एक अस्पताल में ऑपरेशन के बाद इलाज पर अच्छी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक, UAE में भारतीय दूतावास कैप्टन के परिवार, डॉक्टरों, अस्पताल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में रहा है। दूतावास उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अब NIA की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि विमान के कॉकपिट में हुई इस गंभीर घटना के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और क्या इसमें किसी बड़ी साजिश की भूमिका थी।
नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हुए कथित जानलेवा हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) करेगी। अधिकारियों के मुताबिक, 30 सितंबर को हुई इस घटना के संबंध में केंद्र सरकार के निर्देश पर NIA ने मामला दर्ज किया है। जांच में विमान को हाईजैक करने या दुर्घटनाग्रस्त कराने की कथित कोशिश से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
इस मामले में आरोपी को-पायलट के कथित आतंकी संबंधों और किसी बड़ी साजिश की आशंका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, FIR में हमले के सटीक मकसद या किसी अन्य साजिशकर्ता की भूमिका का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार, NIA ने केंद्र सरकार के निर्देश पर एंटी-हाइजैकिंग एक्ट, 2016 की धारा 3 और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
बताया गया है कि सरकार ने NIA एक्ट, 2008 की धारा 6 के प्रावधानों के तहत एजेंसी को जांच शुरू करने का निर्देश दिया। चूंकि मामले में यात्री विमान को हाईजैक करने या क्रैश कराने की कथित कोशिश का पहलू सामने आया है, इसलिए इसकी जांच देश की प्रमुख आतंकवाद-रोधी एजेंसी को सौंपी गई है।
FIR के अनुसार, ओमान के को-पायलट ने कथित तौर पर विमान को हाईजैक करने या दुर्घटनाग्रस्त कराने की नीयत से कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला किया था। घटना के दौरान कैप्टन के घायल होने के बावजूद विमान के पायलटों और क्रू सदस्यों ने स्थिति को संभाला।
इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। अधिकारियों के मुताबिक, लैंडिंग के बाद सऊदी अधिकारियों ने आरोपी को-पायलट को गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से हमले के कथित उद्देश्य, आरोपी की पृष्ठभूमि और संभावित साजिश के संबंध में अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं। इन पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
NIA की जांच में घटना के पूरे घटनाक्रम, हमले के संभावित मकसद और कथित हाईजैकिंग या विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है। एजेंसी यह भी जांच सकती है कि आरोपी ने किसी अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर काम किया था या घटना के पीछे कोई व्यापक साजिश थी।
फिलहाल, किसी अन्य साजिशकर्ता या आतंकी नेटवर्क की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। जांच का उद्देश्य उपलब्ध साक्ष्यों और वित्तीय, डिजिटल या अन्य प्रासंगिक रिकॉर्ड के आधार पर मामले की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाना होगा।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने पिछले बुधवार को बताया था कि कैप्टन स्मित मच्छर अबू धाबी के एक अस्पताल में ऑपरेशन के बाद इलाज पर अच्छी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक, UAE में भारतीय दूतावास कैप्टन के परिवार, डॉक्टरों, अस्पताल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में रहा है। दूतावास उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अब NIA की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि विमान के कॉकपिट में हुई इस गंभीर घटना के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और क्या इसमें किसी बड़ी साजिश की भूमिका थी।
Location : New Delhi
Published : 12 October 2026, 4:02 PM IST
Topics : Anti Hijacking Act 2016 Aviation Security Captain Smit Machchhar flydubai flight fz1073. NIA Investigation